मन से चाहना ही असली सफलता की कुंजी, जानिए कैसे बदलती है जिंदगी ?
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 02:44 PM (IST)
How to achieve success : मन से चाहने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप केवल बैठकर सपने देखते रहें। सच्ची चाहत हमेशा आपको कर्म करने के लिए प्रेरित करती है। जब आप किसी लक्ष्य को दिल से अपना मान लेते हैं, तो उसके लिए किया जाने वाला कड़ा परिश्रम भी आपको बोझ नहीं लगता, बल्कि उसमें आनंद आने लगता है। आप परिणाम की चिंता किए बिना खुद को उस काम में पूरी तरह झोंक देते हैं। यही समर्पण आपको साधारण से असाधारण बना देता है। ‘चाहत’ एक ऐसा शब्द है जो हर इंसान के दिल में धड़कता है। हम सब अपनी जिंदगी में बहुत कुछ हासिल करना चाहते हैं- अच्छा करियर, बेहतरीन रिश्ते, सुख-सुविधाएं और मानसिक शांति लेकिन सच्चाई यह है कि बहुत कम लोग अपनी इच्छाओं को हकीकत में बदल पाते हैं।
ऐसा क्यों होता है? इसका सीधा-सा जवाब है : हम किसी चीज को पाना तो चाहते हैं, लेकिन उसे ‘मन से’ नहीं चाहते। मनचाहा पाने के लिए चाहत का सिर्फ ऊपरी होना काफी नहीं है, बल्कि उसका अंतरात्मा से निकलना जरूरी है। अक्सर हमारी इच्छाएं सतही होती हैं। हम दूसरों की देखा-देखी या समाज के दबाव में आकर किसी चीज की चाह करने लगते हैं। इसे ‘दिखावे की चाह’ कह सकते हैं। जब आप किसी चीज को केवल दिमाग से या बाहरी दुनिया को दिखाने के लिए चाहते हैं, तो उसमें वह ऊर्जा नहीं होती जो आपको सफलता दिला सके।
इसके विपरीत, जब आप किसी चीज को ‘मन से’ चाहते हैं, तो वह आपकी आत्मा की आवाज बन जाती है। एकाग्रता और संकल्प की शक्ति जब आप किसी लक्ष्य को पूरे मन से चाहते हैं, तो आपका पूरा ध्यान उसी बिंदु पर केंद्रित हो जाता है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, ‘‘एक विचार को अपना जीवन बना लो- उसी के बारे में सोचो, उसी के सपने देखो, उसी विचार को जियो।’’

यही मन से चाहने की पराकाष्ठा है। जब आपकी चाहत इतनी गहरी होती है, तो आपका अवचेतन मन आपको उस लक्ष्य को पाने के नए-नए रास्ते दिखाने लगता है। तब आपको रास्ते की मुश्किलें थकाती नहीं, बल्कि और मजबूत बनाती हैं। जब आप पूरे मन से किसी चीज की चाह करते हैं, तो आपके भीतर से सकारात्मक ऊर्जा निकलती है।
यह तीव्र इच्छाशक्ति आपके कर्मों में झलकने लगती है। आप केवल इच्छा नहीं करते बल्कि उस इच्छा को पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने लगते हैं। याद रखिए इतिहास गवाह है कि दुनिया की कोई भी ताकत उस इंसान को नहीं रोक सकती जिसकी चाहत उसके मन की गहराइयों से निकली हो। इसलिए, सपने जरूर देखिए लेकिन उन्हें पूरे मन से अपनी धड़कन बना लीजिए।
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