Falgun Month Special : आज से शुरू हुआ फाल्गुन का महीना, अपनाएं ये नियम, देवी-देवताओं की कृपा से चमकेगा भाग्य

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 02:30 PM (IST)

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Falgun Month Special : हिन्दू कैलेंडर का अंतिम और सबसे उल्लासपूर्ण महीना यानी फाल्गुन मास आज से आरंभ हो गया है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह महीना बदलाव और नई ऊर्जा का प्रतीक है। फाल्गुन का नाम फाल्गुनी नक्षत्र पर आधारित है और इस महीने में दान, तप और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फाल्गुन मास में भगवान श्री कृष्ण, महादेव और चंद्र देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आप इस पूरे महीने कुछ विशेष नियमों का पालन करते हैं और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाते हैं, तो सोया हुआ भाग्य भी चमक सकता है।

इस महीने भाग्य चमकाने के 5 मुख्य नियम

जल का सदुपयोग और अर्घ्य
फाल्गुन के महीने से गर्मी की आहट होने लगती है। शास्त्रों में इस महीने में शीतल जल से स्नान और दान का बड़ा महत्व है।  प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसमें चुटकी भर कुमकुम या लाल फूल डालें। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

भगवान श्रीकृष्ण और लाडू गोपाल की सेवा
फाल्गुन का महीना भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और प्रेम स्वरूप की पूजा के लिए सर्वोत्तम है। इस पूरे महीने भगवान कृष्ण को प्रतिदिन अबीर या गुलाल अर्पित करें। उन्हें मिश्री और माखन का भोग लगाएं। 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं।

चंद्र देव की विशेष साधना
ज्योतिष के अनुसार, फाल्गुन मास का चंद्रमा अपने पूर्ण यौवन पर होता है। यदि किसी की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या मानसिक अशांति रहती है, तो यह महीना वरदान है। पूर्णिमा के दिन चंद्र देव को दूध मिश्रित जल चढ़ाएं। सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, और चावल का दान करें।

आहार-विहार में संयम
फाल्गुन के महीने में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि ऋतु परिवर्तन का स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े। इस महीने में मांसाहार और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस माह में अनाज का प्रयोग कम और फलों का सेवन अधिक करना लाभकारी होता है। साथ ही, नशीली वस्तुओं के त्याग से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

दान और पुण्य कर्म
फाल्गुन में किया गया दान सीधे अक्षय पुण्य की प्राप्ति कराता है। अपनी क्षमता अनुसार गरीबों को अन्न, वस्त्र या शुद्ध घी का दान करें। यदि संभव हो, तो पितरों के नाम पर तर्पण या दान करना आपके जीवन की बाधाओं को कम कर सकता है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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