एकादशी पर 24 घंटे उपवास का विधान क्यों? जानें व्रत के पीछे की शास्त्रीय मान्यता
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 11:01 AM (IST)
Ekadashi 24 Hour Fasting Reason : सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में से सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हर एक एकदाशी का अपना एक अलग खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन पूरे 24 घंटे का उपवास रखने से न केवल शारीरिक शुद्धि होती है, बल्कि आत्मा और मन का भी शोधन होता है। इस दिन भक्त विष्णु जी की कृपा प्राप्त करने के लिए और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं और पूरे विधि-विधान के साथ उनकी पूजा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एकदाशी पर पूरे 24 घंटे का निर्जला उपवास क्यों रखा जाता है। तो आइए जानते हैं 24 घंटे निर्जला या फलाहार रहकर उपवास करने का विधान क्यों बनाया गया इसके बारे में-
24 घंटे व्रत रखने के मुख्य कारण
11 इंद्रियों को वश में करना
हमारे शरीर में 10 इंद्रिया और 11वां हमारा मन होता है। माना जाता है कि 11वीं तिथि पर भोजन का त्याग करके इंसान अपनी 11 इंद्रियों पर काबू पा सकता है, जिससे मन शांत होता है और हर काम में एकाग्रता बनी रहती है।
शरीर और पेट की सफाई
हमें हर रोज लगातार कुछ न कुछ थोड़े-थोड़े समय के बाद खाते रहते हैं। लगातार खाने के कारण हमारी पाचन क्रिया थक जाती है और खाना पचाने की क्षमता कम हो जाती है। 24 घंटे तक उपवास रखने से पेट की सफाई हो जाती है और बीमारियों से बचा जा सकता है।
चंद्रमा और मन का संबंध
महीने में दो बार आने वाली एकादशी तिथि पर चंद्रमा की स्थिति ऐसी होती है कि इसका असर इंसान के दिमाग और भावनाओं पर पड़ता है। इस दिन हल्का रहने या भूखे रहने से गुस्सा, आलस और तनाव कम होता है।
कथा और धार्मिक मान्यता
धार्मिक पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन एकादशी देवी प्रकट हुई थी, जिन्होंने भगवान विष्णु की रक्षा की थी और श्री हरि ने प्रसन्न होकर कहा था कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से इस दिन 24 घंटे का उपवास रखेगा,उसके सारे कष्ट दूर होंगे और मन की हर मुराद पूरी होगी।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
