Trump enters war of words with the Pope: अब ट्रम्प ने छेड़ा पोप से वाक् युद्ध
punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 11:53 AM (IST)
वाशिंगटन (विशेष) : अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पोप लियो चौदहवें के बारे में कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि अमरीका में जन्मे यह कैथोलिक धार्मिक नेता कोई बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वह एक कमजोर और भयभीत व्यक्ति हैं। वाशिंगटन से फ्लोरिडा जाते हुए रविवार देर रात ट्रम्प ने एक लंबी सोशल मीडिया पोस्ट डालकर पोप की तीखी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि पोप बहुत ही उदार व्यक्ति हैं, उन्हें कट्टर वामपंथियों को फायदा पहुंचाने वाला काम बंद कर देना चाहिए।
‘मैं पोप का फैन नहीं’
ट्रम्प ने कहा कि मैं पोप लियो का फैन नहीं हूं। पोप अपराध के खिलाफ कमजोर हैं, विदेश नीति पर भयभीत हैं। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचे कि ईरान के परमाणु बम बनाने से फर्क नहीं पड़ता।
इस बात से चिढ़े थे ट्रम्प
पोप ने अपने सप्ताहांत उपदेश में कहा था कि सर्वशक्तिमान होने का भ्रम ईरान में अमरीकी-इजराइल युद्ध के लिए ईंधन का काम कर रहा है। वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोप शनिवार की संध्या प्रार्थना की अध्यक्षता कर रहे थे। उसी दिन अमरीका और ईरान में आमने-सामने की बात हो रही थी। हालांकि इस समय उपदेश के दौरान उन्होंने ट्रम्प का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था, बल्कि उनके संदेश में इशारा ट्रम्प और उनके प्रशासन की ओर ही था। खासकर वे अधिकारी जो अपनी सेना को सर्वोत्तम बताते हुए युद्ध को धार्मिक आधार पर न्यायोचित ठहराने की कोशिश कर रहे थे। सीजफायर से पहले जब ट्रम्प ने धमकी दी थी कि एक पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी तो पोप ने कहा था, सच में यह अस्वीकार्य है।
युद्ध के खिलाफ लगातार मैं बोलता रहूंगा : पोप लियो
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपनी तीखी आलोचना के जवाब में पोप लियो चौदहवें ने कहा है कि वह युद्ध के खिलाफ लगातार बोलते रहेंगे। इससे पहले ट्रम्प ने 1.4 अरब अनुयायियों वाले कैथोलिक चर्च के पोप के युद्ध की आलोचना करने पर, उन्हें कमजोर बताया था।
रोम के विंची-फियुमिसिनो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 4 अफ्रीकी देशों की 10 दिन की यात्रा पर अल्जीरिया रवाना होते समय पोप ने कहा कि ईसाई संदेश का दुरुपयोग किया जा रहा है। मैं ट्रम्प से बहस नहीं करना चाहता। कुछ लोग संदेश का जिस तरह दुरुपयोग कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि गोसपेल के अर्थ के अनुरूप है। मैं युद्ध के खिलाफ लगातार मुखर होकर बोलता रहूंगा, शांति को बढ़ावा देना चाहूंगा, देशों के बीच आपसी तालमेल और बातचीत को बढ़ावा दूंगा। आज दुनिया बहुत से लोग पीड़ित हैं। बहुत से निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। मुझे लगता है कि किसी को उनके लिए उठ खड़े होना होगा। यही सबसे अच्छा तरीका है।
