संत गुरु दादू दयाल: अवतरण से नारायणा धाम तक, 300 वर्ष पुरानी समाधि से जुड़ी परंपरा
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 08:56 AM (IST)
Dadu dayal jayanti 2026: भक्तिकाल युग में संत गुरु दादू दयाल जी महाराज का अहमदाबाद की साबरमती नदी के तट पर अवतरण हुआ। मान्यता है कि भगवान ब्रह्माजी के तीसरे पुत्र ऋषि सनद जी ने दादू रूप में धरती पर अवतार लिया। वर्तमान में इनका मुख्यधाम गांव नारायणा, जिला दूदू, जयपुर में है। गुरु-शिष्य परम्परा में वर्तमान आचार्य श्री-श्री 1008 श्री ओम प्रकाश दास जी महाराज (21वें) गद्दी पर सुशोभित हैं।

इसी कड़ी में मार्केंडेश्वर नगर (हरियाणा) के मोहल्ला खतरवाड़ा में लगभग 300 वर्ष पहले से गुरु दादू महाराज की समाधि स्थापित है। दादू जी का भक्त परिवार, पूर्व में जो खोसान के नाम से जाना जाता रहा है, वर्तमान में उसकी पहचान दादू परिवार से है। समस्त दादू परिवार पिछले कई वर्षों से दादू जी महाराज का जन्मोत्सव फाल्गुन माह की पंचमी को बड़ी धूमधाम से मनाते आ रहे हैं।

गुरु दादूवाणी इतिहास में मालूम हुआ है कि लगभग 350 वर्ष से पहले यह परिवार जिला झुंझुनू राजस्थान के बगड़ गांव में रहता था, प्राकृतिक आपदा के कारण वहां से इस परिवार ने पलायन किया था, आज भी बगड़ गांव में गुरु दादू जी महाराज का भव्य स्थान है।
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Content Writer
Niyati Bhandari