Chanakya Niti: ये 5 मौके जब संकोच से नहीं, बेशर्मी से करें काम ! चाणक्य नीति के अनुसार जानें, क्यों
punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 09:18 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Chanakya Niti:: राजनीति के ज्ञाता थे, बल्कि उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत भी दिए। चाणक्य नीति के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में आपको संकोच नहीं करना चाहिए। अगर आप संकोच करते हैं, तो इसका न केवल आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है बल्कि आप अपने कई अवसर भी गंवा सकते हैं। चाणक्य के अनुसार, यदि आप इन पांच जगहों पर संकोच करेंगे तो आपके लिए नुकसान ही होगा।
व्यवसाय और वित्तीय सौदे
व्यवसायिक दुनिया में सफल होने के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की भी आवश्यकता होती है। चाणक्य के अनुसार, व्यापारिक लेन-देन और वित्तीय सौदों में संकोच करना आपके लिए बहुत भारी पड़ सकता है। यदि आप बार-बार यह सोचते रहेंगे कि मैं ज्यादा मांग रहा हूँ, यह मेरा हक नहीं है या मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए, तो आप जीवन के बड़े अवसरों को गंवा सकते हैं।
स्वयं का प्रचार और करियर में उन्नति
कई लोग अपने काम में उत्कृष्ट होते हैं, लेकिन वे इसे दूसरों तक नहीं पहुंचाते। अपने कार्यों का प्रचार करना और अपनी क्षमताओं को उजागर करना बहुत जरूरी होता है, खासकर तब जब आप किसी उच्च पद की ओर बढ़ रहे होते हैं। चाणक्य का कहना था कि यदि आप अपने काम को दूसरों तक नहीं पहुंचाते, तो लोग आपकी मेहनत का मूल्य नहीं समझेंगे।
कठिन व्यक्तियों से निपटना
जीवन में कई बार हमें ऐसे लोग मिलते हैं जो हमें मानसिक या शारीरिक रूप से परेशान करने की कोशिश करते हैं। कभी ये लोग आपके सहकर्मी हो सकते हैं, कभी दोस्त, और कभी रिश्तेदार। ऐसे लोगों के साथ अगर आप संकोच करेंगे, तो वे आपका फायदा उठाकर आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। चाणक्य का कहना था कि इस प्रकार के लोगों से निपटना सख्ती से जरूरी है।
जोखिम लेना और अवसरों का फायदा उठाना
चाणक्य का मानना था कि जीवन में सफलता पाने के लिए जोखिम उठाना आवश्यक है। जो लोग संकोच करते हैं और हर छोटे-छोटे कदम से डरते हैं, वे जीवन में कभी भी बड़ा कदम नहीं उठा सकते। जीवन में जब भी कोई अवसर आए, चाहे वह व्यवसाय, करियर या व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा हो, उसे बिना किसी भय या संकोच के अपनाना चाहिए।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
चाणक्य के अनुसार, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेशर्मी से काम करना आवश्यक होता है। किसी भी समुदाय या समाज में प्रभाव बनाने के लिए आपको बिना किसी संकोच के अपनी बात रखनी होती है। अगर आप अपनी बातों को छिपाएंगे या समय आने पर संकोच करेंगे, तो आप कभी भी प्रभावी नहीं बन सकते।