Astrology Tips For Women : पायल पहनते समय न करें ये भूल, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 01:40 PM (IST)
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Astrology Tips For Women : भारतीय परंपरा में पायल न केवल श्रृंगार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य और सौभाग्य से भी जुड़ा है। वेदों और शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं के पैरों में पहने जाने वाले गहने केवल सुंदरता के लिए नहीं होते, बल्कि उनके पीछे गहरा वैज्ञानिक और ज्योतिषीय कारण होता है। अक्सर महिलाएं फैशन के चक्कर में या अनजाने में पायल पहनते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो उनके जीवन में वास्तु दोष या ग्रहों की प्रतिकूलता का कारण बन सकती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि पायल पहनते समय किन ज्योतिषीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है और आपको अपनी कौन सी आदतें तुरंत बदल लेनी चाहिए।

भूलकर भी न पहनें सोने की पायल
ज्योतिष शास्त्र का सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम यह है कि पैरों में कभी भी सोना नहीं पहनना चाहिए।सोना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रिय धातु माना जाता है। इसे कमर से नीचे पहनना देवताओं का अपमान माना जाता है, जिससे घर की बरकत रुक सकती है। सोना शरीर में गर्मी पैदा करता है, जबकि चांदी शीतलता देती है। आयुर्वेद के अनुसार, सिर का हिस्सा गर्म और पैर ठंडे रहने चाहिए। यदि आप पैरों में सोना पहनती हैं, तो शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है, जिससे बीमारियां होने का खतरा रहता है।
चांदी की पायल ही है सर्वश्रेष्ठ
पायल हमेशा चांदी की ही होनी चाहिए। ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से है। चंद्रमा मन का कारक है और शुक्र विलासिता व सुख-समृद्धि का। चांदी की पायल पहनने से महिला का मन शांत रहता है और उसके जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं की वृद्धि होती है। इसके अलावा, चांदी शरीर की हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है और शरीर की सकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने से रोकती है।
पायल की आवाज
आजकल बिना घुंघरू वाली या मूक पायल पहनने का फैशन है लेकिन ज्योतिष के नजरिए से यह सही नहीं है। पायल में घुंघरू होने चाहिए और उनसे निकलने वाली छन-छन की आवाज घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाती है। मान्यता है कि पायल की आवाज से घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है और दैवीय शक्तियां सक्रिय होती हैं। यदि आप काम की वजह से शांत पायल पहनती हैं, तो कोशिश करें कि घर पर घुंघरू वाली पायल ही पहनें।

किसी दूसरे को अपनी पायल न दें
अक्सर महिलाएं अपनी सहेलियों या बहनों के साथ गहने साझा करती हैं। लेकिन ज्योतिष के अनुसार, अपनी पहनी हुई पायल कभी भी किसी दूसरी महिला को नहीं देनी चाहिए। ऐसा करने से आपके पैर की सकारात्मक ऊर्जा और आपका सौभाग्य दूसरी महिला के पास चला जाता है। यह आपके वैवाहिक जीवन में तनाव का कारण भी बन सकता है।
काली पायल पहनने का चलन
आजकल जेन-जी और युवा लड़कियों में एक पैर में काला धागा या काली पायल पहनने का बहुत क्रेज है। ज्योतिष के अनुसार, काला धागा बुरी नजर से तो बचाता है, लेकिन इसे पहनने से पहले अपनी कुंडली में शनि की स्थिति जरूर देख लेनी चाहिए। यदि आप फैशन के लिए दोनों पैरों में काली पायल पहन रही हैं, तो यह आपके शुक्र ग्रह को कमजोर कर सकता है, जिससे लव लाइफ और धन में समस्याएं आ सकती हैं।
टूटी हुई या बेमेल पायल
कई बार पायल का एक घुंघरू निकल जाता है या वह कहीं से टूट जाती है, फिर भी महिलाएं उसे पहनती रहती हैं। टूटे हुए गहने राहु और शनि के दोष को आमंत्रित करते हैं। यह दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, दोनों पैरों में हमेशा एक जैसी ही पायल पहनें। अलग-अलग डिजाइन की पायल पहनने से व्यक्तित्व में भटकाव आता है और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।

