आषाढ़ मास अंतिम शनिवार: 24 जुलाई को बन रहा है विशेष योग, साढ़ेसाती वाले जरूर करें उपाय

2021-07-21T18:14:24.213

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या शनि की ढैया चल रही है, उनके लिए 24 जुलाई का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एक तो इस दिन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और दूसरा आषाढ़ मास का अंतिम शनिवार भी है। इस दिन विशेष योग बन रहे हैं जिनमें शनि देव को शांत किया जा सकता है। इससे अगले दिन यानि 25 जुलाई से सावन महीना भी शुरू होने जा रहा है। 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा भी है, जिस दिन पूर्व की विशेष पूजा और उपासना की जाती है। इस दिन आषाढ़ मास का आखिरी शनिवार भी है, जिसमें शनि देव की पूजा का विशेष योग बना हुआ है। इस दिन शनि मंदिर में शनि देव के दर्शन कर पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही शनि चालीसा और शनि मंत्र का जाप करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्यायाधीश का दर्जा दिया गया है। शनिदेव हमारे इसी जीवन में हमारे  अच्छे और बुरे कर्मों के फल हमें प्रदान करते हैं। शनि देव व्यक्ति को सफलता प्रदान करने से पूर्व संघर्ष कराते हैं। संघर्ष के दौरान व्यक्ति जीवन के सत्य को भी जानता है और उसे सही और गलत का भेद मालूम होता है। शनि देव जब अशुभ होते हैं, तो शनि देव को शांत करना अतिआवश्यक हो जाता है। शनिवार के दिन पूजा और दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

शनि वर्तमान समय में वक्री अवस्था में मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। 11 अक्टूबर को शनि मार्गी होंगे। शनि जब वक्री यानि उल्टी चाल चलते हैं तो पीड़ित हो जाते हैं और शुभ फल प्रदान नहीं करते यानी उनके शुभ फलों में कमी आ जाती है। इसके अलावा 3 राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और 2 राशियों पर शनि की ढैया भी चल रही है। इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। जबकि मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। साढ़ेसाती व शनि की ढैया के दौरान व्यक्ति को सेहत, धन, और व्यापार आदि से जुड़ी चीजों में कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

ज्योतिष शास्त्र में शनि की गति बहुत धीमी मानी गई है। शनि एक राशि से दूसरी राशि, में जाने पर करीब ढ़ाई वर्ष का समय लेते हैं। इस दौरान व्यक्ति को दांपत्य जीवन, लव रिलेशनशिप और करियर आदि में भी मुश्किलें पैदा करते हैं। 24 जुलाई को आषाढ़ मास के अंतिम शनिवार को पूर्णिमा तिथि पर शनिदेव को खासतौर पर प्रसन्न व शांत किया जा सकता है और जिन लोगों की राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है, उन लोगों को इस दिन शनि के उपाय करते हुए सरसों का तेल, काले तिल,  काला छाता,  काली उड़द की दाल और अनाज का दान करना चाहिए। इसके  साथ ही शनि चालीसा और शनि मंत्र – ॐ शम शनिश्चराय नमः का जाप करना चाहिए। इससे शनि शांत  भी होंगे और प्रसन्न भी होंगे। 

गुरमीत बेदी 
gurmitbedi@gmail.com

 


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Content Writer

Jyoti

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