Art of Living: श्री श्री रविशंकर के विजन से सजेगा हरित भारत, स्टार्टअप्स ने दिखाई वेस्ट-टू-वेल्थ की राह
punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 03:15 PM (IST)
बेंगलुरु 2026: बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित 'ईकोक्रांति-शुभ लाभ 1.0' के भव्य समापन समारोह ने देश के सतत विकास को एक नई और ऊर्जावान दिशा दी है। स्टार्टअप इंडिया भारत स्टार्टअप चैलेंज 2026 के तहत आयोजित इस देशव्यापी अभियान में उन नवाचारी उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जो न केवल व्यापार कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण उत्थान के लिए समर्पित हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन में नवप्रवर्तकों और विशेषज्ञों ने हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर गहन मंथन किया, जहां ISM क्लाइमाटेक को उनकी बेमिसाल रिसाइकिलिंग तकनीक के लिए सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया।
भारत के सतत विकास के क्षेत्र में कार्यरत सर्वाधिक संभावनाशील उद्यमियों को ईकोक्रांति–शुभ लाभ 1.0 के भव्य समापन समारोह में सम्मानित किया गया। यह आयोजन स्टार्टअप इंडिया भारत स्टार्टअप चैलेंज 2026 के अंतर्गत देशव्यापी सतत विकास-केंद्रित स्टार्टअप अभियान का प्रमुख पड़ाव था, जिसका आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में सम्पन्न हुआ।
दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में नवप्रवर्तकों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं तथा उद्योग-जगत के अग्रणी विशेषज्ञों ने सहभागिता कर हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु नवाचारों को नई गति प्रदान करने पर विचार-विमर्श किया।
इस राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत देशभर के स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों एवं परिवर्तनकारी व्यक्तित्वों से 900 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कठोर एवं बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत चयनित प्रतिभागियों ने जलवायु प्रौद्योगिकी, परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी), अपशिष्ट से संपदा (वेस्ट-टू-वेल्थ), हरित विनिर्माण तथा सतत ग्रामीण विकास जैसे विविध क्षेत्रों में अपने नवाचारी एवं विस्तारयोग्य समाधान प्रस्तुत किए।
ईकोक्रांति शुभ लाभ 1.0 का सर्वोच्च सम्मान आईएसएम क्लाइमाटेक (ISM ClimaTech) को प्रदान किया गया। संस्थापक दीपाली जड़िया एवं डॉ. हरीश जड़िया द्वारा विकसित यह अभिनव तकनीक कठिनता से रिसायकिल होने वाले पैकेजिंग अपशिष्ट को औद्योगिक कच्चे माल में परिवर्तित कर पुनः विनिर्माण प्रक्रिया में सम्मिलित करती है।
अकाला डिज़ाइन एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड को प्रथम उपविजेता तथा वेस्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, जिसका नेतृत्व चेतन पाटिल एवं प्रिया कर रहे हैं, को द्वितीय उपविजेता घोषित किया गया।
विशेष श्रेणी के पुरस्कारों में ईसीएमटी (ECMT) को सर्वश्रेष्ठ सतत विकास स्टार्टअप, कोसाइकिल होराइज़न प्राइवेट लिमिटेड को सामाजिक प्रभाव पुरस्कार, बनावृत को सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रभाव स्टार्टअप तथा इंट्रिन्सिक फाउंड्रीज़ को सर्वश्रेष्ठ जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के सम्मान से अलंकृत किया गया।
सामान्य स्टार्टअप प्रतियोगिताओं से भिन्न, ईकोक्रांति विशेष रूप से सतत विकास एवं ग्रामीण उत्थान को समर्पित पहल है, जो उन उद्यमों को प्रोत्साहित करती है जिनके कार्यों से पर्यावरण एवं समाज पर प्रत्यक्ष, मापनीय और दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (SSRDP) के निदेशक एवं न्यासी देवांग वोरा ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारा संगठन अपने मूल्यों एवं आदर्शों के अनुरूप ऐसे लोगों को एक मंच पर लाए जो केवल आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सार्थक परिवर्तन और स्थायी प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं।”
निवेशक संवाद, मार्गदर्शन सत्रों और स्टार्टअप प्रदर्शनी के अतिरिक्त प्रतिभागियों ने सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम में भी सहभागिता की, जो उद्यमिता के प्रति आर्ट ऑफ लिविंग के समग्र एवं संतुलित दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करता है।
श्री श्री तत्त्व के प्रबंध निदेशक श्री अरविंद वर्चस्वी ने उद्देश्यपूर्ण संस्थानों के निर्माण में आंतरिक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर सदैव कहते रहे हैं कि जब आप किसी व्यक्ति में अदृश्य एवं अमूल्य रूप से निवेश करते हैं, तो वह आपको अनेक गुना प्रतिफल लौटाता है। ईकोक्रांति की संपूर्ण अवधारणा उन्हीं मूल्यों से प्रेरित है जिन्हें गुरुदेव ने विश्वभर में जन-जन तक पहुंचाया है।”
विजेता स्टार्टअप्स के लिए यह मंच केवल पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर नहीं था, बल्कि दीर्घकालिक सहयोग और विकास की नई संभावनाओं का द्वार भी सिद्ध हुआ।
आईएसएम क्लाइमाटेक की संस्थापक दीपाली जड़िया ने कहा, “यहां हुई चर्चाएं और संवाद हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भी स्टार्टअप्स को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करती रहेगी।”
यह शिखर सम्मेलन ईकोक्रांति अभियान की बढ़ती सामाजिक प्रभावशीलता का भी सशक्त प्रमाण बना। गत दो वर्षों में इस अभियान ने 10,000 से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाकर लगभग 200 टन एकल-उपयोग प्लास्टिक अपशिष्ट को पर्यावरण में जाने से रोका है। आगामी दो वर्षों में इस पहल का लक्ष्य 10 लाख परिवारों तक विस्तार करते हुए 1,000 टन अतिरिक्त एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को रोकना तथा भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।
देवांग वोरा ने कहा, “ईकोक्रांति का दृढ़ विश्वास है कि परिवर्तन की शुरुआत प्रत्येक घर से होती है और सतत विकास की नींव हमारे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे, सजग और उत्तरदायी निर्णयों में निहित है।”
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) तथा श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (SSRDP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ईकोक्रांति देशभर में ऐसे नवोन्मेषी उद्यमियों की पहचान, मार्गदर्शन और सशक्तिकरण का एक व्यापक राष्ट्रीय तंत्र विकसित कर रही है, जो भारत के सतत, समृद्ध और पर्यावरण-सम्मत भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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