Anant Naad Concert Yashobhoomi: द्वारका में जीवंत हुआ द्वापर युग का वृंदावन! देवी चित्रलेखा के भजनों ने यशोभूमि में घोला भक्ति का दिव्य रस
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 10:15 AM (IST)
Anant Naad Concert Yashobhoomi: राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित भव्य यशोभूमि कंवेंशन सेंटर में 23 अगस्त 2026 को सुर, ताल और अटूट श्रद्धा का एक ऐसा अलौकिक नजारा देखने को मिला, जिसने आधुनिकता के बीच भारतीय आध्यात्मिकता का एक नया इतिहास रच दिया। पूज्य देवी चित्रलेखा जी के पावन सानिध्य में आयोजित ‘अनंत नाद: म्यूजिक फॉर द सोल’ भक्ति कॉन्सर्ट में आस्था का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि पूरा सभागार 'राधे-राधे' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। लगभग 6,000 श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों की भारी उपस्थिति से खचाखच भरे इस ऑडिटोरियम में पूर्व स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल सहित कई विशिष्ट अतिथि और गणमान्य लोग भी ठाकुर जी की भक्ति में सराबोर नजर आए।
पलक पावड़े बिछाकर स्वागत, बना 'मिनी वृंदावन'
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे सभागार को इस तरह सजाया गया था कि वहां कदम रखते ही श्रद्धालुओं को साक्षात ‘मिनी वृंदावन’ का अनुभव होने लगा। 'वृंदावन एक्सपीरियंस' की विशेष थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में प्रवेश द्वार से ही माहौल भक्तिमय था, जहां हर एक श्रद्धालु का स्वागत माथे पर चंदन का तिलक लगाकर किया गया। इस पावन सत्कार ने आयोजन के आध्यात्मिक स्वरूप को और भी विशेष और गरिमामयी बना दिया।
सुर और साधना का अनोखा संगम: देवी चित्रलेखा और भागीरथ भट्ट की जुगलबंदी
मंच पर जैसे ही देवी चित्रलेखा जी का शुभागमन हुआ, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम, परम समर्पण और अगाध भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की ऐसी अविरल गंगा बहाई कि वहां मौजूद हर भक्त भाव-विभोर होकर झूमने लगा। भजनों के साथ-साथ मंत्रोच्चार, दिव्य कथा, लाइव ऑर्केस्ट्रा और डिवोशनल कोयर के साथ स्क्रीन पर चल रहे इमर्सिव विजुअल्स (आकर्षक दृश्यों) ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सांगीतिक यज्ञ में देश के प्रसिद्ध सितार साधक भागीरथ भट्ट की मधुर सितार प्रस्तुति ने चार चांद लगा दिए। देवी जी की सुरीली आवाज और भागीरथ जी की सितार की जुगलबंदी ने हवाओं में भक्ति का ऐसा रस घोला कि लोग देर रात तक बिना थके झूमते रहे।
एक ही रंग में रंगे दिखे बुजुर्ग और 'Gen Z' युवा
इस ऐतिहासिक कॉन्सर्ट की सबसे खूबसूरत और अनूठी विशेषता यह रही कि इसमें पीढ़ियों की दूरियां पूरी तरह मिटती नजर आईं। आमतौर पर आधुनिक संगीत की तरफ आकर्षित होने वाली आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z से लेकर देश के वरिष्ठ नागरिक तक, सभी एक ही छत के नीचे साथ बैठकर भक्ति संगीत की लहरों में गोते लगाते दिखे। आयोजकों के अनुसार, ‘अनंत नाद’ भारत का पहला ऐसा भक्ति कॉन्सर्ट है, जिसमें आधुनिक कॉन्सर्ट की भव्यता और भारतीय भक्ति-संगीत की पावन आध्यात्मिक अनुभूति का अनूठा संगम साकार हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य हमारी अनमोल संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिकता को आधुनिक लाइव कॉन्सर्ट के माध्यम से युवा पीढ़ी और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, भक्ति की निरंतर यात्रा है: देवी चित्रलेखा
कार्यक्रम के दौरान देवी चित्रलेखा जी ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि "‘अनंत नाद’ केवल एक संगीत का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोगों को शुद्ध भक्ति, संगीत और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का एक पावन प्रयास है।"
उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि समाज को भारतीय संस्कृति और सकारात्मकता से जोड़े रखने के लिए ऐसे भव्य भक्ति कॉन्सर्ट आगे भी देश भर में लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
अब देश-विदेश में गूंजेगा ‘अनंत नाद’
दिल्ली के यशोभूमि में मिली इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अब ‘अनंत नाद’ की टीम शांत बैठने वाली नहीं है। आयोजकों ने संकेत दिया है कि दिल्ली में धूम मचाने के बाद अब यह दिव्य भक्ति-संगीत यात्रा देश के विभिन्न बड़े शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी आध्यात्मिक प्रस्तुति देने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि वैश्विक स्तर पर संगीत के माध्यम से लोगों को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जा सके।
