युवा जैन संत अखिलेश मुनि जी ने 31 दिन की निराहार तपस्या कर रचा इतिहास
punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 11:20 AM (IST)
होशियारपुर (राजेश जैन): प्रभु महावीर के संत सेनानी संघशास्ता गुरुदेव श्री सुदर्शन लाल जी महाराज जी के सुशिष्य संघ संचालक गुरुदेव श्री नरेश चन्द्र जी म. के आज्ञानुवर्ती वात्सल्यनिधि गुरुदेव श्री नरेन्द्र मुनि जी का पावन चातुर्मास मतलौडा (हरियाणा) में चल रहा है।
ओजस्वी वक्ता गुरुदेव श्री अचल मुनि जी के सुशिष्य तपस्वीरत्न श्री अखिल मुनि जी गत 8 सितम्बर से निराहार साधना कर रहे हैं, जिसमें मात्र दिन भर में केवल जल ही ग्रहण करते हैं। आज उनकी तप-साधना का 31वां दिन है। जैन-अजैन जगत में उनके इस घोर तप की सर्वत्र जय-जयकार हो रही है।
इससे पहले भी वह अनेक बार इस तरह के कठोर तप में लीन रहे हैं। उन्होंने सन् 2018 में 18 वर्ष की आयु में गुरु चरणों में जैन दीक्षा ली थी। जैन जगत के प्रसिद्ध संत वात्सल्यनिधि गुरुदेव श्री नरेन्द्र मुनि जी के सान्निध्य में यह तप-अनुष्ठान गतिमान है। उनकी सन्निधि में जहां प्रवचन प्रभावक श्री शीतल मुनि जी अहिंसा व धर्म के प्रचार-प्रसार से जातिवाद, वर्णवाद, वैमनस्य की जड़ों को हिलाकर देश में सह-अस्तित्व की भावना को पुष्ट कर रहे हैं, वहीं तपस्वी श्री जयन्त मुनि जी धर्मप्रभावना के साथ-2 सुदीर्घ एकासन तप की साधना कर रहे हैं, उनकी तपस्या का आज 87वां दिन है। सम्पूर्ण जैन समाज संतों की कठोर साधना से उमंगित व उल्लासित है। दूर-दराज के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुजन संत दर्शन के लिए मतलौडा, जिला पानीपत (हरियाणा) पधार रहे हैं।
