Ahoi Ashtami Vrat Rules : अहोई अष्टमी पर इन 4 कामों को करना माना जाता है अशुभ! व्रत रखने वाली माताएं जरूर जान लें ये नियम
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 12:14 PM (IST)
Ahoi Ashtami 2026 : साल 2026 में 01 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताएं अपनी अपनी संतान की लंबी आयु, संतान की रक्षा, खुशहाल जीवन और सुखी भविष्य के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती है। करवा चौथ की तरह की इस दिन माताएं निर्जला व्रत रखती है लेकिन रात के समय चंद्र की जगह तारों को देखकर अपना व्रत खोलती है। इस इस दिन अहोई माता की पूजा-अर्चना करने से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ ऐसे कार्य बताएं गए है जिन्हें करना निषेध माना जाता है। कहा जाता है कि अगर कोई गलती से भी इन कार्यों को कर लेते हैं तो इससे उन्हें व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है और कई बार तो पाप की भागीदार तक बनना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप अहोई अष्टमी का व्रत रख रही है तो आपके लिए इन बातों के बारे में जानना बेहद ही ज़रूरी हो जाता है।

सबसे पहली गलती की बात करें तो अहोई अष्टमी के दिन मिट्टी से जुड़े कोई भी कार्य नहीं करने चाहिए। माना जाता है कि इस दिन महिलाओं के ज़मीन खोदने, मिट्टी कुरेदने और खुरपी आदि जैसे औज़ारों से दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके पीछे एक कथा जुड़ी हुई मानी जाती है। कथा के अनुसार, एक बार एक साहूकार की पत्नी जंगल में मिट्टी खोद रही थी। इसी दौरान अनजाने में उससे सेई के बच्चों को नुकसान पहुंच गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद साहूकारनी को संतान से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मान्यता है कि बाद में अहोई माता की आराधना और सेई की पूजा करने पर उसकी मनोकामना पूरी हुई। तभी से अहोई अष्टमी पर मिट्टी खोदने या कुरेदने से रोका जाता है।

दूसरी गलती के बात करें को अहोई अष्टमी के अवसर पर कभी भी किसी भी धारदार या नुकीली वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार इस दिन माताओं को चाकू, छुरी, कैंची या सुई आदि जैसी किसी भी तरह की नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इस दौरान ऐसी वस्तुओं का इस्तेमाल करना अशुभ माना जाता है।
तीसरी गलती की बात करें तो अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली महिलाओं को व्रत के नियमों और भोजन से जुड़ी परंपराओं का ध्यान रखना भी आवश्यक माना जाता है। वैसे तो इस दिन निर्जला व्रत रखा जाता है। ऐसे में इस दिन व्रतधारी महिलाओं को गलती से भी अन्न या जल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा घर में भोजन बनाते समय सात्विकता बनाए रखने की कोशिश करें और प्याज-लहसुन से परहेज करें।
चौथी गलती की बात करें तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अहोई अष्टमी काले या गहरे रंग के कपड़े पहनने की मनाही मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्य में काले,या नीले गहरे रंग के कपड़े पहनने शुभ नहीं माने जाते हैं। इसलिए अहोई अष्टमी पर इस रंग के वस्त्र धारण करने की मनाही मानी जाती है।

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