आज का पंचांग- 8 अप्रैल, 2026
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 07:19 AM (IST)
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। इसके माध्यम से दिन के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति की जानकारी प्राप्त होती है। दैनिक कार्यों, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए पंचांग का अध्ययन लाभकारी माना जाता है। प्रस्तुत है आज का विस्तृत पंचांग।

8th April 2026 Panchang आज का पंचांग: गणेश कृपा के लिए विशेष है बुधवार, बन रहे हैं शुभ योग
आज 8 अप्रैल वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन बुधवार पड़ रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
आज के दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल संकेत दे रहे हैं।
तिथि, वार और संवत्
आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सायं 07 बजकर 01 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन बुधवार है और विक्रम संवत 2083 चल रहा है।
योग और करण
आज वरियान योग सायं 05 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, इसके बाद परिघ योग प्रारंभ होगा। करण की बात करें तो वणिज करण सायं 07 बजकर 01 मिनट तक रहेगा, जिसके पश्चात विष्टि करण पूरी रात प्रभावी रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 03 मिनट पर तथा सूर्यास्त सायं 06 बजकर 43 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 9 अप्रैल को रात्रि 12 बजकर 41 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त प्रातः 09 बजकर 45 मिनट पर होगा। आज सूर्य देव मीन राशि में और चंद्र देव धनु राशि में स्थित रहेंगे।
शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। हालांकि अमृत काल रात्रि 01 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 25 मिनट (9 अप्रैल) तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।
अशुभ समय
राहुकाल दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। गुलिकाल प्रातः 10 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक तथा यमगण्ड काल प्रातः 07 बजकर 38 मिनट से 09 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
नक्षत्र की स्थिति
आज चंद्रमा मूल नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जो पूरी रात प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि के 0° से 13°20’ तक विस्तृत होता है। इसका स्वामी केतु है और राशि स्वामी बृहस्पति देव हैं। नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी निर्ऋति मानी जाती हैं, जो विनाश और परिवर्तन का प्रतीक हैं।
विशेष महत्व
मूल नक्षत्र में जन्मे या प्रभावित व्यक्तियों को स्वाभिमानी, अनुशासित, गंभीर और आध्यात्मिक माना जाता है। हालांकि इनमें कभी-कभी क्रोध और एकांतप्रियता के गुण भी देखे जाते हैं।
आज का दिन विशेष रूप से गणेश जी की उपासना और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त है।
विशेष टिप्पणी
आज के दिन शुभ कार्य करते समय पंचांग के अनुसार समय का विशेष ध्यान रखें। सही मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम प्रदान करते हैं।

