साल के सबसे शुभ 12 दिन, 7 राशियों को होगा लाभ

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 09:47 AM (IST)

12 Auspicious days astrology : 2026 के सबसे अच्छे 12 दिन आ रहे हैं। 12 दिन सबसे अच्छे इसलिए क्योंकि कर्क राशि में गुरु, बुध और शुक्र तीनों एक साथ आने वाले हैं। यह तीनों ही पॉजिटिव ग्रह हैं। इनमें से बुध कंडीशनल पॉजिटिव होते हैं। गुरु और शुक्र अनकंडीशनल पॉजिटिव होते हैं। बुध शुभ ग्रह के साथ आकर शुभ फल करते हैं। अशुभ ग्रह के साथ आकर अशुभ फल करते हैं और चंद्रमा जो है वैसे वो भी पॉजिटिव होता है लेकिन ब्राइट हाफ का चंद्रमा पॉजिटिव होता है। जिसको शुक्ल पक्ष का चंद्रमा बोल देते हैं। कृष्ण पक्ष का चंद्रमा नेगेटिव हो जाता है। उसको क्षीण चंद्रमा बोलते हैं। लेकिन गुरु और शुक्र अनकंडीशनल पॉजिटिव होते हैं। यहां पर बुध भी आकर पॉजिटिव फल करेंगे और यह जो तीन ग्रहों का योग बन रहा है यह बन रहा है 22 जून से लेकर 4 जुलाई के बीच। वैसे तो दो ग्रहों का योग तो रहेगा लेकिन 2 जून से गुरु कर्क में आ जाएंगे। फिर 8 जून से शुक्र भी आ जाएंगे। गुरु और शुक्र का योग तो रहेगा लेकिन 22 को गुरु बुध भी यहां पर जॉइन कर जाएंगे। यह साल 2026 के बेस्ट 12 दिन होंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा किसको होगा। कौन सी राशियों को होगा जहां पर दृष्टि जा रही होगी या आपकी कुंडली में केंद्र केंद्र त्रिकोण में बैठे होंगे। तो देखते हैं कौन सी राशि के ऊपर इसका असर सबसे पहले पड़ेगा। 

मेष राशि 
मेष राशि के लिए चौथे भाव में यह गोचर होगा और मेष राशि का चौथे भाव में यह गोचर बनना इसका मतलब यह है कि प्रॉपर्टी से संबंधित प्लानिंग हो सकती है। मदर की हेल्थ को लेकर चीजें अच्छी हो सकती है। पीस ऑफ़ माइंड थोड़ा सा बेटर हो सकता है। मेष राशि के लिए तीनों की दृष्टि सीधी 10वें भाव के ऊपर होगी यानी कि कारोबार में भी वृद्धि होगी। कारोबार में आपको थोड़ा सा यदि आप नौकरी करते हैं, तो वहां पर आपका प्रभाव बढ़ता हुआ आपको नजर आ सकता है। मेष राशि के लिए धन भाव का स्वामी शुक्र इस कॉम्बिनेशन में इनवॉल्व हो जाएगा और अल्टीमेटली धन की भी वृद्धि करवाएगा। गुरु की दृष्टि आपके 12वें भाव के ऊपर रहेगी तो निश्चित तौर पर कोई विदेश यात्रा का भी प्रोग्राम बन सकता है। यह मेष राशि के जातकों के लिए यह योग बनेगा। आपके फोर्थ हाउस में क्योंकि कर्क राशि यहां पर आ जाएगी। 

मीन राशि
मीन राशि के लिए यह बनेगा योग पांचवें भाव में। पांचवा भाव जो है वह कुंडली का दूसरा सबसे शुभ भाव होता है। यह बुद्धि विवेक का भाव है। यह ज्ञान का भाव है। यह आपके संतान का भाव है। यह निश्चल प्रेम का भाव है। यहां पर जब तीन ग्रह बैठ रहे हैं, तो अल्टीमेटली तीनों की दृष्टि 11वें भाव के ऊपर रहेगी। 11वां भाव एक्टिव हो गया। 11वां भाव  एलिवेशन का भाव, तरक्की का भाव, आय का भाव, आपकी इच्छाओं की पूर्ति का भाव होता है। आपकी राशि के स्वामी पंचम में आकर उच्च होकर बैठ जाएंगे। गुरु, बुध और शुक्र के साथ में बैठेंगे और अल्टीमेटली यह एक्टिव करेगा। 11वें को इच्छाओं की पूर्ति करवाएगा। आय में वृद्धि करवाएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बनाएगा और थोड़ा सा काम आपका ध्यान आपका आध्यात्म में भी लेकर जाएगा। क्योंकि गुरु की दृष्टि नौवें भाव के ऊपर भी रहेगी। नौवां भाव आध्यात्म का भाव है। धार्मिक यात्रा भी करवा देगा। यहां पर यह मीन राशि के जातकों के लिए होगा। तो यह दो भाव एक केंद्र का भाव है, एक त्रिकोण का भाव है। 

मकर राशि
मकर राशि के लिए यह केंद्र में रहेगा क्योंकि सप्तम भाव में रहेगा। सीधे सप्तम भाव में तीन पाप शुभ ग्रह अच्छे बैठे हुए और तीनों की दृष्टि आपकी राशि के ऊपर वैसे ही पॉजिटिव हो जाएंगे। वैसे ही आपका एटीट्यूड पॉजिटिव हो जाएगा। एंथिज्म थोड़ा सा ज्यादा रहेगा और गुरु की दृष्टि 11वें भाव के ऊपर होगी। अगेन यह अह एलिवेशन का भाव है, तरक्की का भाव है। आपकी आय का भाव है। इच्छाओं की पूर्ति का भाव है। कर्म के फल का भाव है। यह यहां पर आय में वृद्धि करेगा। निश्चित तौर पर यहां पर क्योंकि शुक्र इस भाव के लिए पंचम भी हो जाता है। शुक्र की टॉरस राशि यहां पर पंचम में आएगी। पंचम का स्वामी सप्तम में इसका मतलब यह है कि जिनकी शादी नहीं हुई है उनको शादी भी हो सकती है और जो संतान का वेट कर रहे हैं उनको संतान के भी जो है वह खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। यह मकर राशि के साथ होगा क्योंकि मकर राशि के लिए यह केंद्र में बनेगा ।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि क्योंकि यह नाइंथ हाउस में बन जाएगा। यह ट्रायंगल आएगा। यह नाइंथ हाउस कुंडली का सबसे शुभ भाव होता है। यहां पर गुरु का आना गुरु इस भाव के कारक भी हैं और गुरु इस कुंडली में पंचमेश होंगे। यदि आप वृश्चिक राशि की कुंडली बनाएंगे तो यहां पर पंचमेश गुरु हो जाएंगे और पंचमेश का आपके सप्तम भाव के स्वामी के साथ मिलकर भाग्य स्थान में बैठ जाना। एक बार फिर वह मैरिज के रास्ते खोल रहा है। जो सिंगल है मैरिज हो सकती है। पंचम सप्तम एक साथ है। लव मैरिज के भी चांसेस होते हैं। जिनके यहां पर संतान नहीं है उनके लिए संतान के लिए भी भाव एक्टिव हो रहे हैं क्योंकि गुरु की दृष्टि आपके पंचम के ऊपर आ जाएगी। इज़ गेंस देगा। यहां पर जो हायर स्टडीज़ में काम कर रहे हैं, हायर स्टडीज़ करना चाहते हैं उनको ओपोरर्चुनिटीज़ ज़्यादा अच्छी बेटर मिल सकती हैं। यह वृश्चिक राशि के लिए होगा और यहां पर वृश्चिक राशि के लिए यह अच्छा इसलिए भी है क्योंकि बुध आपकी कुंडली में 11वें भाव का स्वामी होकर नौवें में बैठेगा। नौवें में बैठना बुध का गुरु के साथ बैठना, बुध का शुक्र के साथ बैठना अच्छा है। अपनी राशि से यानी कि अपने 11वें भाव से 11वें आ जाएगा। यह अल्टीमेटली इस तरीके से अच्छा हो जाएगा। यहां पर ये वृश्चिक राशि के लिए त्रिकोण है। त्रिकोण में ये ट्रायंगल बनेगा तो ये जो कंजक्शन बनेगी ये ज्यादा अच्छी है।

तुला राशि
तुला राशि के लिए ये गोचर बनेगा दशम भाव में। दशम भाव कुंडली का कर्म स्थान होता है और कर्म स्थान में तीन शुभ ग्रहों का आ जाना आपकी काम को लेकर एनर्जी को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा। मींस आप में एंथोिज्म ज्यादा बढ़ेगा। आप काम जो है वह ज्यादा बेटर तरीके से करेंगे और आपकी राशि का स्वामी शुक्र यह राशि का स्वामी भी है। खुद दशम में चला गया तो आप वैसे ही काम में बिजी रहेंगे। वैसे ही काम में बिजी रहेंगे तो अल्टीमेटली यह आपके लिए अच्छा है। तुला राशि के जातकों  के लिए  बुध भागेश होता है और भाग्येश का कर्म स्थान में आ जाना, गुरु के साथ आ जाना, आपकी राशि के स्वामी के साथ आ जाना वो केंद्र त्रिकोण राजयोग की वैसे ही फॉर्मेशन कर देता है। यह आपके लिए तुला राशि के जातकों के लिए कर्म के लिहाज से अच्छा है। अब तीनों की दृष्टि सीधी फोर्थ हाउस के ऊपर रहेगी। फोर्थ सुख स्थान, एसेट्स का भाव, पीस ऑफ़ माइंड का भाव, प्रॉपर्टी की खरीद को लेकर जो है वह चीजें आगे बढ़ सकती हैं। कोई गाड़ी खरीदना चाहते हैं, कोई एसेट क्रिएशन करना चाहते हैं, तो वहां पर चीजें थोड़ी सी आपको बेटर होती हुई नजर आएंगी। यह राशि जो है वह काफी फायदे में रह सकती है क्योंकि यह केंद्र का भाव है। 

कर्क राशि 
कर्क राशि के जातकों के लिए वैसे ही एनर्जी पॉजिटिव हो जाएगी। सिंगल है तो मैरिज हो सकती है। लाइफ में कोई नहीं है तो कोई आ सकता है। संतान नहीं है संतान की प्राप्ति हो सकती है।  कर्क राशि के ऊपर से है तो अल्टीमेटली नाइंथ भी एक्टिव हो जाएगा। फिफ्थ भी एक्टिव हो जाएगा। धार्मिक यात्रा भी हो सकती है। आध्यात्म की तरफ ध्यान भी बढ़ सकता है। संतान की तरफ से अच्छी खबर आ सकती है। यह राशियां है जिनको इसका फायदा होगा। एक और राशि है जिनके लिए धन स्थान में बनेगा क्योंकि गुरु धन के कारक हैं। 

मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए दूसरे भाव में यह आ जाएगा तो दूसरे भाव में बैठेंगे जो है वो तीन ग्रह बैठेंगे। धन के तीन कारक होते हैं। जो चंद्रमा होता है, वो लिक्विड मनी का कारक होता है। गुरु से संचित धन देखा जाता है। गुरु दूसरे भाव के कारक भी होते हैं। शुक्र आपका इमस मनी का कारक होता है। जब यह तीनों ही ग्रह यानी कि आपकी राशि का स्वामी मिथुन का बुध शुक्र धन का कारक, गुरु धन का कारक तीनों ही धन भाव में बैठ गए तो अल्टीमेटली कहीं न कहीं से आपको अच्छा धन आ सकता है।क्योंकि जो आठवां भाव होता है यह छुपे धन का भाव होता है। इसके ऊपर तीन शुभ ग्रहों का प्रभाव है। यहां पर मिथुन राशि के जातकों को भी धन लाभ निश्चित तौर पर हो सकता है। मिथुन राशि के जो जातक रिसर्च से जुड़ा हुआ काम करते हैं, उनको भी इस गोचर का डेफिनेटली फायदा होगा। यह 12 दिन का गोचर है। हालांकि गोचर तो रहेगा लेकिन तीन ग्रहों का गोचर 12 दिन का है। यह डेफिनेटली इससे आपको काफी फायदा होगा। 

नरेश कुमार
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Content Editor

Sarita Thapa

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