मुश्ताक खान का 56 वर्ष की उम्र में निधन : निर्देशक नीरज सिंह को याद आई वह मुलाकात, जब हंसते हुए सुनाई थी अपने अपहरण की कहानी
punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 11:16 PM (IST)
आगराः हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके करीबी मित्रों में भी शोक है। गुरुवार, 24 सितंबर को 56 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे अभिनेता का निधन उन लोगों के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है, जिन्होंने पर्दे के पीछे उनके हंसमुख और मिलनसार स्वभाव को करीब से देखा था।
ऐसे ही लोगों में निर्देशक नीरज सिंह भी शामिल हैं। मुश्ताक खान के साथ अपनी गहरी मित्रता को याद करते हुए उन्होंने उस मुलाकात का जिक्र किया, जब अभिनेता उनके कार्यालय आए थे और अपने अपहरण जैसी भयावह घटना को भी मुस्कुराते हुए सुना रहे थे।
नीरज सिंह की यादों में मुश्ताक खान
एक ऐसा कलाकार, जो अपने जीवन के सबसे डरावने अनुभव को भी हंसते-मुस्कुराते हुए सुना रहा था।
निर्देशक नीरज सिंह द्वारा साझा की गई मुलाकात पर आधारित स्मृति।
जब कार्यालय में बैठकर सुनाई थी अपहरण की कहानी
नीरज सिंह के अनुसार, मुश्ताक खान बेहद हंसमुख इंसान थे। उनके साथ बिताए पलों में बातचीत, हंसी-मजाक और आत्मीयता का ऐसा माहौल रहता था कि समय बीतने का एहसास ही नहीं होता था। उनकी एक मुलाकात आज विशेष रूप से याद आ रही है। जब मुश्ताक खान नीरज सिंह के कार्यालय पहुंचे, तो बातचीत के दौरान नवंबर 2024 में हुए अपने अपहरण का किस्सा भी सुनाया। यह घटना किसी के लिए भी भयावह हो सकती थी, लेकिन नीरज सिंह को उनकी कहानी सुनाने का अंदाज याद रह गया। वह पूरे घटनाक्रम को इतने सहज और मुस्कुराते हुए बता रहे थे, मानो कोई मामूली वाकया हुआ हो।
नीरज सिंह की साझा की गई याद के अनुसार, मुश्ताक खान ने बातचीत में बताया था कि अपहरणकर्ताओं ने शुरुआत में लगभग 80 लाख रुपये की मांग की थी और बाद में रकम को लेकर बातचीत दो से चार लाख रुपये तक आ गई थी। यह रकम उनकी उस निजी बातचीत का हिस्सा है; सार्वजनिक पुलिस रिपोर्टों में लगभग दो लाख रुपये निकलवाए जाने की पुष्टि मिलती है, जबकि 80 लाख रुपये की शुरुआती मांग का स्वतंत्र सत्यापन नहीं मिला है।

क्या हुआ था नवंबर 2024 में?
20 नवंबर 2024 को मुश्ताक खान एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें एक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने का प्रस्ताव दिया गया था। हवाई अड्डे से लेने आई गाड़ी में बैठने के बाद रास्ते में उन्हें दूसरी गाड़ी में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद हथियार के बल पर उनका अपहरण कर बिजनौर ले जाया गया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने उन्हें बंधक बनाकर रखा और उनके बैंक खाते से लगभग दो लाख रुपये निकलवाए। अगले दिन वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुए। पास की एक मस्जिद में मदद मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार से संपर्क किया। बाद में पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पर्दे पर हंसाने वाला कलाकार, निजी जीवन में भी उतना ही जिंदादिल
मुश्ताक खान ने वेलकम, हेरा फेरी, राउडी राठौर, गदर 2 और स्त्री 2 जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों के बीच पहचान बनाई। वेलकम में उनका हास्यपूर्ण किरदार और संवाद आज भी दर्शकों को याद हैं।
लेकिन नीरज सिंह के लिए उनकी पहचान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं थी। उनकी स्मृतियों में वह एक ऐसे मित्र हैं, जो मुलाकात के दौरान खुलकर बातें करते थे और कठिन अनुभवों के बीच भी हंसने का अवसर खोज लेते थे। जिस घटना ने कभी उनकी जान को खतरे में डाल दिया था, उसे बाद में मुस्कुराकर सुना पाने का उनका अंदाज उस मुलाकात की सबसे यादगार बात बन गया।
अब स्मृतियों में रह जाएगी वह मुस्कान
मुश्ताक खान के व्यावसायिक सहयोगी शिवम ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि अभिनेता पहले भी फेफड़ों के कैंसर से उबरे थे, लेकिन बीमारी दोबारा उभर आई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार शाम लगभग सात बजे उनका निधन हो गया।
नीरज सिंह के लिए उनके निधन की खबर के साथ कार्यालय की वह मुलाकात भी एक बार फिर जीवंत हो उठी है। अपहरण की कहानी सुनाते हुए चेहरे पर बनी रही मुस्कान, बातचीत का सहज अंदाज और वर्षों की मित्रता—अब यही पल उनकी यादों का हिस्सा हैं।
सिनेमा में मुश्ताक खान अपने किरदारों के जरिए दर्शकों को हंसाते रहेंगे। वहीं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानने वालों के लिए उनकी सबसे बड़ी याद शायद यही रहेगी कि वह जीवन की मुश्किल से मुश्किल घटना को भी मुस्कुराकर बयान कर सकते थे।
