दिल्ली में क्रिकेट को लेकर खून-खराबा : 15 साल के किशोर की पीट-पीटकर हत्या, 3 नाबालिग हिरासत में
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 09:21 PM (IST)
नेशनल डेस्कः पश्चिम दिल्ली के तिलक नगर इलाके में क्रिकेट के मैच को लेकर चार नाबालिगों में हुए झगड़े में 15 वर्षीय किशोर की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम को स्थानीय पार्क में क्रिकेट मैच को लेकर 12 वर्षीय एक लड़के और 15 वर्षीय किशोर के बीच बहस के कारण हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, " दोनों के बीच बहस के चलते हाथापाई होने लगी। इसके बाद 12 वर्षीय लड़का अपने घर चला गया जहां उसने अपने 17 और 12 वर्षीय रिश्ते के भाइयों को घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तीनों किशोर पीड़ित की तलाश में निकल पड़े।"
उन्होंने बताया कि शाम सात बजकर करीब 22 मिनट पर उन्हें 15 वर्षीय लड़का मिल गया और उनके बीच मारपीट हुई जिसमें पीड़ित के गले और सिर पर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य उसे दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
अधिकारी ने बताया, " हमने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है और सभी तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया है। मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है ।" जिस किशोर की मौत हुई है उसकी पहचान निशांत के रुप में हुई है। उसके घर में उसके माता-पिता और तीन भाई हैं। उसके पिता की इलाके में ही चाय की दुकान है। लड़के की मां ज्योति ने कहा कि यह हमला बच्चों के बीच होने वाली सामान्य लड़ाई से कहीं अधिक क्रूर था।
ज्योति ने मीडिया से कहा, "उन्होंने मेरे बेटे की गर्दन की हड्डी तोड़ दी। कौन से बच्चे लड़ते नहीं हैं? लेकिन उन्होंने उसे मार डाला। जब हम थाने गए, तो किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। इसके बजाय, उन्होंने हमें पीटा और हमारे कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया।" लड़के की बुआ रचना ने भी पुलिस पर उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा "मेरा भतीजा मर गया है। पुलिस हमें परेशान करने के अलावा कुछ नहीं कर रही है। मेरे भाई को पीटा गया है और उसे चोटें आई हैं। उन्होंने हमें प्राथमिकी की प्रति तक नहीं दी है। उन्होंने हमारे कपड़े फाड़ दिए। तीन लड़कों ने मेरे भतीजे की हत्या कर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।"
लड़के के चाचा रिंकू ने बताया कि कथित हमलावर लड़के को ढूंढते हुए उसके घर आए थे। उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' को बताया "मुझे कॉल आयी कि कुछ लड़के निशांत को ढ़ढूते हुए आए हैं। मेरी भाभी ने उनसे पूछा। थोड़ी देर बाद वे उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने उसका गला दबाया और उसे पीटा।" रिंकू ने कहा, "पहले तो हमें लगा कि यह बच्चों के बीच होने वाली मामूली झगड़ा है, लेकिन फिर हमें बताया गया कि उसकी मौत हो गई है।" रिंकू ने भी थाने में उत्पीड़न का आरोप लगाया।
नाबालिग के भाई ने दावा किया कि वह पहले पार्क में था। उसने कहा, "एक दोस्त ने मुझे कॉल करके बताया कि मेरे भाई पर तीन-चार लड़कों ने हमला किया है। जब मैंने उसे देखा, तो वह बेहोश पड़ा था। उसकी गर्दन पर सूजन थी, चेहरे पर घूंसों और थप्पड़ के निशान थे। मेरी समझ से परे है कि उन छोटे लड़कों के बीच ऐसी क्या दुश्मनी हो सकती है जिसके कारण यह सब हुआ।" इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। परिवार के सदस्य थाने के बाहर जमा होकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
