रिहाई के लिए पात्र बंदियों के लिए ''''उन्मुक्त'''' अभियान

2021-07-31T21:12:51.107

रायपुर, 31 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ में समय से पूर्व रिहाई के लिए पात्र बंदियों के लिए ''उन्मुक्त'' अभियान की शुरूआत की गई है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी ।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर और जेल विभाग रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में ‘उन्मुक्त’ अभियान की शुरूआत की गई है और इस अभियान के तहत उन दोषसिद्ध सजायाफ्ता बंदियों को रिहा किया जाएगा, जो राज्य शासन की नीति के अनुसार समय-पूर्व रिहाई के लिए पात्र हैं।

उन्होंने बताया कि यह अभियान उच्चतम न्यायालय द्वारा एक प्रकरण में दिए गए निर्देश के आधार पर प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और बिहार राज्य को यह दायित्व सौंपा है कि वह एक अगस्त से पायलट प्रोजेक्ट को लागू कर पात्र दोषसिद्ध बंदियों को रिहा करने की आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा द्वारा इस अभियान की बारिकी से निगरानी की जा रही है। राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष को यह आदेश दिया गया है कि वह जेल प्रशासन की आवश्यक मदद करें।
अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान के तहत पात्र दोषसिद्ध बंदियों की पहचान करते हुए उनकी ओर से आवेदन प्रस्तुत कराकर तथा आवश्यक दस्तावेज संकलित कर उन्हें रिहा कराने की कार्यवाही की जाएगी और यदि किसी पात्र बंदी का आवेदन निरस्त किया जाता है तब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा ऐसे बंदियों की ओर से विधिक सहायता उपलब्ध कराकर अपील की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



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PTI News Agency

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