लोगों को जब्त फ्लैट और बूथ री-अलॉट करवाने के नाम पर लाखों ठगने वाली मंजीत कौर गिरफ्तार

2021-07-28T00:55:33.703

चंडीगढ़  (रमेश हांडा) : चंडीगढ़ में लंबे अरसे से समाजसेवी का टैग लगाकर खुद को चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड की री-अलॉटमैंट कमेटी की सदस्य बताकर लोगों से करोड़ों ठग चुकी मंजीत कौर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ के प्रशासक समेत कई आई.ए.एस. अफसरों से निकट संबंध बताकर मंजीत कौर लोगों को हाऊसिंग बोर्ड के आवास व कमर्शियल प्रॉपर्टी विभिन्न कोटे के तहत दिलाने की एवज में लाखों रुपए की ठगी करती आ रही थी। इस बार मोहाली फेज-3 निवासी रिटायर्ड दंपति मदन गोपाल गुप्ता व सुलक्षणा गुप्ता उसके शिकार हुए। उन्होंने रिटायमैंट के बाद मिले पैसे से चंडीगढ़ में आवास लेने के लिए मंजीत कौर को 87 लाख रुपए दे दिए।


सीनियर सिटीजन कोटे से फ्लैट दिलाने का झांसा दिया
मंजीत कौर 1995 के बाद से कई वर्ष चंडीगढ़ कांग्रेस की सक्रिय सदस्य भी रह चुकी है और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई बताई जा रही है। मंजीत कौर ने दंपति को एम.आई.जी. फ्लैट सीनियर सिटीजन कोटे से दिलवाने की बात कही थी और यकीन दिलाने के लिए चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के कई अफसरों से मुलाकात की बात भी कही। एफ.आई.आर. में बताया गया कि मंजीत कौर के पास चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड की री-अलॉटमैंट कमेटी का पहचान पत्र भी है, जिसे दिखाकर वह लोगों को विश्वास में लेकर ठगती थी।


3 बूथ अलॉट करवाने का किया दावा
शिकायतकत्र्ता दंपति को महिला ने बताया कि गवर्नर कोटे से उन्होंने सैक्टर-51 में 3 बूथ री-अलॉट करवाए हैं। बूथ नंबर 18 मदन गोपाल के नाम पर, बूथ नंबर 19 सुलक्षणा गुप्ता के नाम पर और बूथ नंबर 6 उनके बेटे रमन गर्ग के नाम अलॉट हो गए हैं, जिनकी कीमत 31 मार्च, 2020  से पहले जमा करनी होगी। रकम जमा करवाने के लिए मंजीत कौर ने अपना पंजाब एंड सिंध बैंक का खाता नंबर देते हुए कहा कि हाऊसिंग बोर्ड ने दक्षिण सैक्टरों में जब्त की गई संपति को री-अलॉट करने का जिम्मा उन्हें सौंपा हुआ है और पैसे उसी के खाते में जमा करवाए जा सकते हैं।


बंद पड़े 4 फ्लैट दिखाए, एक का सौदा 59 लाख में किया
यकीन दिलाने के लिए मंजीत कौर ने अपने जानकारों को फोन कर यह दिखाया कि वह री-अलॉटमैंट कमेटी के सदस्यों से बात कर रही है, जोकि आई.ए.एस. अफसर रहे हैं। सैक्टर-51 में ही मंजीत कौर ने खाली पड़े 4 एम.आई.जी. फ्लैट भी गुप्ता दंपति को दिखाए, जिनमें फ्लैट नंबर 290 ए, 327 बी, 327 और 295 शामिल थे। 
गुप्ता दंपति ने फ्लैट नंबर 327 पसंद किया, जिसकी कीमत मंजीत कौर ने करीब 59 लाख बताई। मंजीत कौर ने गुप्ता दंपति से संबंधित दस्तावेज लिए और बताया कि फ्लैट नंबर 327 उन्हें 2008 की हाऊसिंग बोर्ड स्कीम के तहत सीनियर सिटीजन कोटे से अलॉट हो जाएगा, जिसकी पूरी औपचारिकता वह पूरी करवा लेगी। गुप्ता दंपति ने विश्वास कर मंजीत कौर के खाते में पैसे जमा करवा दिए।


3 और लोगों की भूमिका की हो रही जांच
पैसे लेने के बाद लंबे समय तक मंजीत कौर टालमटोल करती रही तो गुप्ता दंपति को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड जाकर पता किया तो मंजीत कौर का असल चेहरा सामने आया। इस पर गुप्ता दंपति ने मंजीत कौर से पैसे वापस मांगे, जिसकी एवज में उसने चैक दिए, जोकि बाऊंस हो गए। गुप्ता दंपति ने पुलिस को शिकायत की, जिनकी शिकायत की जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा में 12 मई, 2021 को  मंजीत कौर के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई थी। शिकायत में 3 अन्य लोगों विजय सिंह, हरजीत कौर, मलिका का नाम भी था लेकिन उन्हें अभी सह अभियुक्त नहीं बनाया गया जिनकी इस मामले में भूमिका की जांच अभी जारी है। 


नीलकंठ महादेव मंदिर में हुई थी मुलाकात
गुप्ता ने बताया कि मंजीत कौर की उनसे मुलाक़ात वर्ष 2019 में सैक्टर-51 के नीलकंठ महादेव मंदिर में हुई थी। मंजीत कौर ने उस वक्त खुद को मंदिर की संचालन समिति का भी प्रमुख बताया था। मंजीत कौर के प्रधान रहते हुए सैक्टर-51 की रैजीडैंट वैल्फेयर एसोसिएशन को चंडीगढ़ की बैस्ट आर.डब्ल्यू.ए. का खिताब भी मिल चुका है।

 
पहले भी दर्ज हो चुकी है एफ.आई.आर.
मंजीत पहले भी कई मामलों में थानों में पैसे लौटाकर समझौता कर चुकी हैं। गत माह सैक्टर-49 की विधवा की शिकायत पर भी उस पर 12 लाख की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। विधवा ने आरोप लगाया था कि सी.एच.बी. का जब्त फ्लैट विधवा कोटे से उसके नाम री-अलॉट करवाने की बात कहकर उसने 12 लाख की ठगी की थी। 


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News Editor

ashwani

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