जमीन घोटाले में सरकारी खजाने को लूटने वाले आरोपी हों गिरफ्तार : लालपुरा’

2021-04-16T00:21:41.92

चंडीगढ़ (शर्मा): भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि गांव करुरा, तहसील आनंदपुर साहिब जिला रूपनगर की पहाड़ी भूमि लोगों के स्वामित्व में है। यह भूमि खेती योग्य नहीं है, जंगल की लकड़ी भी 4 या 5 साल बाद 10 से 15 हजार रुपए किलो में बिकती है। जमीन की बाजारी कीमत आमतौर पर एक से दो लाख के बीच होती है। सरकारी मूल्य इससे भी बहुत कम है।

 

यदि सरकार इस भूमि को आवश्यकता के लिए अधिग्रहीत करती है तो उसे एक लाख रुपए प्रति एकड़ खर्च करना पड़ता, लेकिन कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सरकारी खजाने को लूटने के लिए हाथ मिलाया। सबसे पहले जमीन दिलजीत सिंह ङ्क्षभडर पुत्र जोङ्क्षगद्र सिंह वासी नालागढ़ से एक से दो लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी फिर इस जमीन का सौदा पंजाब सरकार से वन विभाग के लिए नौ लाख नब्बे हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किया। इस तरह से पंजाब वन विभाग ने 7 लाख 90 हजार रुपए प्रति एकड़ अतिरिक्त खर्च करके सरकारी खजाने को लूटा। 54 एकड़ 8 मरले जमीन खरीदी गई, जबकि पता चला कि मौके पर केवल 40 एकड़ ही है। 14 एकड़ और 8 मरले केवल कागजों में है, इस कारण जमीन के हस्तांतरण को उपायुक्त रूपनगर द्वारा रोक दिया गया है। 


‘इंतकाल रोके जाने से स्पष्ट है कि कुछ तो गड़बड़ और घोटाला हुआ है’ 
दिलचस्प बात यह है कि शिरोमणि कमेटी के सदस्य और उनके साथी विक्रेताओं ने पंजाब सरकार से लगभग 54 एकड़ और 8 मरले जमीन के लिए 5,35,09,500 रुपए की वसूली कर ली गई है। उपायुक्त द्वारा इस इंतकाल को रोके जाने से स्पष्ट है कि इस खरीद में कुछ तो गड़बड़ और घोटाला हुआ है। जिले के सभी अधिकारी और मंत्री इस भूमि घोटाले के बारे में जानते हैं, लेकिन दोषियों को उजागर करने और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज नहीं करने के बजाय वे एक नागरिक अदालत के माध्यम से मामला दर्ज करके दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस जमीन घोटाले में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्ट सरकार और अकाली दल के नेताओं ने मिलकर सरकारी खजाने को लूटा है। जिनके खिलाफ 420, 467, 468, 471, 120 बी, आई.पी.सी. के तहत मामला दर्ज किया जाए और जांच की जाए। भाजपा इस घोटाले की जांच की मांग कर रही है, ताकि सरकार में बैठे लोगों और उनके गुर्गों की पहचान की जा सके और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। 
 


News Editor

Taranjeet Singh

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