‘हाऊसिंग बोर्ड फ्लैट के साथ बूथ फ्री दिलाने का लालच देकर ठगा था सर्वे आफ इंडिया का कर्मी’

2021-07-30T00:20:38.533

चंडीगढ़, (रमेश हांडा): राज्यपाल से लेकर पी.एम. तक पहुंच बताकर हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों का सौदा कर कई लोगों से करोड़ों रुपए ठग चुकी मंजीत कौर का शिकार हुए लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। पंजाब केसरी की खबर के बाद सर्वे ऑफ इंडिया से रिटायर हुए भगीरथ शर्मा ने भी संपर्क कर हमें बताया कि उन्हें भी मंजीत कौर ने सैक्टर-53 में एच.आई.जी. फ्लैट नंबर 295 ओस्टीज कोटे (जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को मिलने वाले फ्लैट) से दिलवाने की एवज में 53 लाख लिए थे।  
वहीं, दो दिन के पुलिस रिमांड पर चल रही मंजीत कौर को रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को पुन: कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अन्य नए मामलों के संबंध में पूछताछ का हवाला देकर मंजीत कौर का और रिमांड मांगेगी।

 


अलॉटमैंट लैटर व अन्य दस्तावेज भी दिखाए 
जून, 2020 में भागीरथ ने रिटायर होना था और 6 माह के भीतर सैक्टर-32 का सरकारी आवास खाली करना था। खुद के घर की आस में वह मंजीत कौर के जाल में फंस गए। मंजीत कौर से उन्हें सैक्टर-51 में रहने वाले उनके जानकार विजय ने मिलवाया था जोकि पहले ही मंजीत कौर में फ्लैट की एवज में पहली किश्त 6 लाख 80 हजार रुपए दे चुका था। मंजीत कौर ने सरकारी आवास खाली करने की समयावधि से पहले ही सैक्टर-51 का फ्लैट नंबर 295 अलॉट करवाने की बात कही थी। भगीरथ ने पैंशन योजना के तहत मिले पैसे, छुट्टियों और गे्रच्युटी के सारे पैसे मंजीत कौर को दे दिए। मंजीत कौर ने उन्हें सैक्टर-51 में बुलाकर फ्लैट नंबर 290 व 295 दिखाए, जिसके लिए उनका नौकर चाबियां लेकर उनके साथ गया था। भगीरथ के परिवार ने फ्लैट नंबर 295 पसंद किया। 


मंजीत कौर ने उन्हें फ्लैट के साथ एक बूथ भी देने को कहा और दिखाया भी। बाद में मंजीत कौर ने भगीरथ के परिवार को बोर्ड की ओर से जारी होने वाला अलॉटमैंट लैटर व अन्य दस्तावेज भी दिखाए और बताया कि स्वर्गीय राज्यपाल सुरिंदर नाथ की बेटी उनकी सहेली है और उनके परिवार से उनकी निकटता है। यही नहीं, प्रशासक बदनौर को मंजीत कौर ने घर का सदस्य बताया और यकीन दिलाने के लिए कई तस्वीरें भी भागीरथ को दिखाई, जिनमें प्रशासक भी दिख रहे हैं।


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News Editor

AJIT DHANKHAR

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