वैट घोटाला : इंड स्विफ्ट कंपनी के वाइस प्रैजीडैंट की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

punjabkesari.in Thursday, Sep 27, 2018 - 11:23 AM (IST)

चंडीगढ़(साजन/ संदीप) : यूटी के करोड़ों रुपए के टैक्स घोटाले में इंड-स्विफ्ट कंपनी के वाइस प्रैजीडैंट एन.आर. मुंजाल की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। बुधवार को जिला अदालत ने एन.आर. मुंजाल की अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। 

इससे पहले अदालत में स्पैशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर मनु कक्कड़ ने दलील दी कि एन.आर. मुंजाल से मामले में अहम इंटेरोगेशन करनी है, लिहाजा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाए। 

5.90 करोड़ का टैक्स 11 हजार में सैटल कराया :
इंड स्विफ्ट कंपनी पर 5.90 करोड़ का टैक्स बनता था जिसे कंपनी ने एक्साइज-टैक्सेशन डिपार्टमैंट के कर्मचारियों के साथ 11 हजार में सैटल कराया। विजीलैंस ने कंपनी के जो दस्तावेज कब्जे में लिए हैं उसमें 3.5 लाख रुपए की राशि को ऑफिस एक्सपैंस के नाम पर लिखा गया है। बाकायदा दस्तावेजों में इसकी लीगल पोस्टिंग की गई है। विपिन मिश्रा नाम के शख्स ने राशि रिश्वत के तौर पर एक्साइज टैक्सेशन के मुलाजिमों को दी। 

मनु कक्कड़ ने कहा कि मुंजाल पूरी तरह जानते थे कि 5.90 करोड़ रुपए की राशि का महज 11 हजार में सैटलमेंट किया जा रहा है। बचाव पक्ष का यह कहना कि उन्हें इस बारे में बिलकुल भी जानकारी नहीं थी। यह सरासर गलत है। प्रोसिक्यूटर ने कहा कि एक्साइज-टैक्सेशन के कौन से लोग इस सारे गोरखधंधे में इन्वॉलव हैं। यह मुंजाल से पूछताछ कर ही पता लग सकता है क्योंकि विपिन मिश्रा ने एन.आर. मुंजाल का ही नाम लिया है। प्रोसिक्यूटर ने यह भी कहा कि मुंजाल रसूखदार शख्स है लिहाजा वह जांच को भी प्रभावित कर सकता है। 

मैटरनिटी लीव पर गई कर्मचारी का लॉग इन किया यूज :
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक्साइज-टैक्सेशन विभाग की एक महिला कर्मचारी मैटरनिटी लीव पर गई जिसका लॉग इन इस फर्जीवाड़े के लिए इस्तेमाल किया गया। कंप्यूटर के बाद एंट्रीज डिस्पैच रजिस्टर पर चढ़ाई जाती हैं। लिहाजा यहां 55 फर्जी एंट्रीज पकड़ी गई। फिलहाल मामले में जांच जारी है।
 


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Priyanka rana

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