केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी— डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरण के कारण पांच वर्षों में ₹3.35 लाख करोड़ की बचत
punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 01:00 PM (IST)
चंडीगढ़: पंजाब में केंद्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के तहत डीबीटी (Direct Benefit Transfer) से लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को वर्ष 2021-22 में ₹3,344.18 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹9,196.05 करोड़ पहुंच गई। इस प्रकार पांच वर्षों की अवधि में इसमें लगभग 175 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित और पारदर्शी सरकारी लाभ वितरण प्रणाली के निरंतर विस्तार को दर्शाती है।
इस अवधि के दौरान पंजाब के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से कुल ₹36,249.45 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। वहीं, केंद्र सरकार ने इसी अवधि में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (Public Financial Management System - PFMS) के माध्यम से देशभर में कुल ₹17.57 लाख करोड़ की राशि हस्तांतरित की, जबकि लीकेज रोकने और फर्जी एवं डुप्लीकेट लाभार्थियों को हटाने के कारण ₹3.35 लाख करोड़ की बचत भी हुई।
यह जानकारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। राज्यसभा संसद मैंबर सतनाम सिंह संधू ने संसद में अपने प्रश्न के माध्यम से पिछले पांच वर्षों के दौरान पीएफएमएस (PFMS) के जरिए डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई वर्षवार राशि, पंजाब के लोगों को किए गए डीबीटी हस्तांतरण और इस अवधि में लीकेज रोकने से हुई बचत का विवरण मांगा था।
अपने लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित राशि में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में ₹3.12 लाख करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई थी, जो वर्ष 2022-23 में ₹3.24 लाख करोड़, वर्ष 2023-24 में ₹3.48 लाख करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹3.75 लाख करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में ₹3.98 लाख करोड़ रही। इस प्रकार पांच वर्षों में डीबीटी के माध्यम से कुल ₹17.57 लाख करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आगे बताया कि पंजाब के लोगों को किए गए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के वर्षवार आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में ₹3,344.18 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई, जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर ₹5,137.45 करोड़ हो गई। इसके बाद वर्ष 2023-24 में यह राशि ₹8,747.16 करोड़ और वर्ष 2024-25 में ₹9,824.61 करोड़ रही, जबकि वर्ष 2025-26 में ₹9,196.05 करोड़ हस्तांतरित किए गए। पांच वर्षों के दौरान पंजाब के लाभार्थियों को कुल ₹36,249.45 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। आंकड़े दर्शाते हैं कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 के बीच पंजाब में डीबीटी हस्तांतरण में लगभग 175 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
मंत्री ने बताया कि डीबीटी और अन्य सुशासन सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें हटाया गया तथा लीकेज पर प्रभावी रोक लगाई गई। लीकेज रोकने से वर्ष 2020-21 में ₹44,572 करोड़, वर्ष 2021-22 में ₹61,899 करोड़, वर्ष 2022-23 में ₹63,697 करोड़, वर्ष 2023-24 में ₹82,573 करोड़ और वर्ष 2024-25 में ₹83,064 करोड़ की बचत हुई। इस प्रकार पांच वर्षों के दौरान लीकेज रोकने से कुल ₹3,35,805 करोड़ की बचत दर्ज की गई।
राज्यसभा संसद मैंबर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि डीबीटी ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ वितरण की व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन किया है। इसके माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जा रही है। इस डिजिटल प्रणाली ने पारदर्शिता को मजबूत किया है, बिचौलियों की भूमिका को कम किया है और लीकेज और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है। डीबीटी का विस्तार इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।
संसद मैंबर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि दशकों तक यह स्वीकार किया जाता रहा कि सार्वजनिक धन का एक बड़ा हिस्सा लीकेज और बिचौलियों के कारण वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता था। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत बैंक खातों के विस्तार और डिजिटल अवसंरचना के सहयोग से विकसित डीबीटी प्रणाली ने इस चुनौती का प्रभावी समाधान किया है। इस व्यवस्था ने सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधा संबंध स्थापित किया है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी धन उसी व्यक्ति तक पहुंचे, जिसके लिए वह निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केंद्र सरकार के 56 मंत्रालयों की 318 योजनाएं डीबीटी के दायरे में शामिल हैं। इनमें पीएम-किसान सम्मान निधि (PM-KISAN Samman Nidhi), मनरेगा (MGNREGA - अब VB-G RAM G), अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, अमृत (AMRUT) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित कई प्रमुख कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं। इन सभी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सरकारी सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है।
