धान के सीजन दौरान किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्विघन बिजली आपूर्ति करेंगे सुनिश्चित: ई.टी.ओ.
punjabkesari.in Wednesday, Jun 14, 2023 - 08:51 PM (IST)
चंडीगढ़,(रमनजीत): पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बुधवार को कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान राज्य के लोगों को 24 घंटे और धान के इस सीजन दौरान किसानों को रोजऩा 8 घंटे निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पी.एस.पी.सी.एल. 14150 मेगावाट की मांग को पूरा करने की स्थिति में है और जरूरत पडऩे पर यह 1200 मेगावाट ट्रांसमिशन क्षमता का प्रयोग करके 15350 मेगावाट की मांग को भी पूरा करने के योग्य होगा।
बिजली मंत्री ने बताया कि पंजाब के बाहर से बिजली की आयात क्षमता (ए.टी.सी.सीमा) को बढ़ाकर 8,800 मैगावाट कर दिया गया है, जिसको एक-दो दिनों में बढ़ाकर 9,000 मैगावाट किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 6,400 मैगावाट उत्पादन और केंद्र सैक्टर और बी.बी.एम.बी प्लांटों में राज्य के 4,800 मैगावाट के हिस्से और 2,950 मैगावाट के अल्पकालिक प्रबंधों के साथ, पी.एस.पी.सी.एल. 14150 मैगावाट बिजली की मांग को पूरा करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि बाकी बची ट्रांसमिशन क्षमता को जरूरत पडऩे पर वास्तविक समय की मांग और उपलब्धता के अंतर के आधार पर अदला-बदली के द्वारा खुले बाजार से बिजली खरीद कर पूरा किया जाएगा।
धान के सीजन 2022 के बाद निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के कार्यों बारे विस्तार में बताते हुए बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि 11 नए 66 के.वी. ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना, मौजूदा 66 के.वी. ग्रिड सब-स्टेशनों में नए 52 पावर ट्रांसफर्मरों को जोडऩे, 378 किलोमीटर लम्बी 66 के.वी. ट्रांसमिशन लाईन बिछाने, 352 नए 11 के.वी. फीडर, नए 27, 047 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मर लगाने के साथ ही 11 के.वी. के 1367 फीडरों की डीलोडिंग और डी.वी.एस स्कीम के तहत कृषि के लिए 43,628 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि डी.टी. लॉस रेट भी 4.56 प्रतिशत पर नियंत्रित किया गया है।
बिजली मंत्री ई.टी.ओ. ने कहा कि हाल ही में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में आए भारी तूफानों ने राज्य के बिजली संचार और वितरण बुनियादी ढांचे को भारी नुक्सान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि तूफान के कारण लगभग 8,150 खंभों, 1,839 ट्रांसफर्मरों और लगभग 73 किलोमीटर कंडक्टर (तारों) का नुक्सान हुआ है, जिसका कुल वित्तीय नुक्सान लगभग 16.5 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि पी.एस.पी.सी.एल. निरंतर निगरानी, फीडरों की व्यवस्थित गश्त और लाईनों को साफ करने के चलते कम से कम समय में तूफान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को बहाल करने के योग्य रहा। इसी दौरान आज बिजली मंत्री ने धान के सीजन के लिए बिजली की आपूर्ति के प्रबंधों का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने पी.एस.पी.सी.एल. को हिदायत दी कि गर्मियों के मौसम के दौरान निर्विघ्न बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाऐ।
मीटिंग के दौरान पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सीनियर अधिकारियों ने बिजली मंत्री को बताया कि वह इस गर्मी में बढ़ रही बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि शहरी केन्द्रों पर मोबाइल ट्रांसफर्मरों, डिवीजन स्तर और ग्रिड सब स्टेशनों पर मटीरियल स्टोरों का प्रबंध करने और शिकायतों से निपटने के लिए जरुरी मानव संसधान तैनात करने के अलावा डिवीजन स्तर पर 104 नोडल शिकायत केंद्र, 21 सर्कलों में कंट्रोल रूम और 5 जोन स्थापित करने के साथ-साथ शिकायतों के निपटारे के लिए मुख्य कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
पी.एस.पी.सी.एल. अधिकारियों ने बताया कि धान के सीजन दौरान डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मरों, केबल/ पी.वी.सी., कंडक्टर, खंभों और अन्य उपकरणों की स्टॉक स्थिति और आपूर्ति संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। उन्होंने बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मरों और पावर लाईनों समेत बिजली वितरण प्रणाली का व्यापक रख-रखाव सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोकथाम और रख-रखाव संबंधी प्रयासों के परिणामस्वरूप इस साल पंजाब में बिजली की चिंगारियों के कारण फसलों को आग लगने की कोई घटना नहीं घटी। मीटिंग में प्रमुख सचिव बिजली तेजवीर सिंह, पी.एस.पी.सी.एल. के सी.एम.डी बलदेव सिंह सरां, डायरेक्टर डिस्ट्रीब्यूशन डी.पी.एस गरेवाल, डायरैक्टर जनरेशन परमजीत सिंह और डायरेक्टर टेक्निकल वरदीप सिंह मंडेर प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।
