शहर में इन जगहों से खरीदा जाता हैं सबसे अधिक ड्रग्स
punjabkesari.in Thursday, Feb 16, 2017 - 09:11 AM (IST)
चंडीगढ़ (बृजेन्द्र): शहर में बिकने वाला ड्रग्स कालोनियों से ही ज्यादातर खरीदा जाता है। वहीं शहर में आने वाले ड्रग्स की मैन्युफैक्चरिंग हिमाचल प्रदेश में होती है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में ड्रग्स से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों पर सौंपे एफिडेविट में शहर के एस.एस.पी. ईश सिंघल ने यह जानकारी दी है। मामले में हाईकोर्ट के आदेशों पर यू.टी. पुलिस द्वारा ड्रग्स मामलों में सोर्स तक पहुंचने के लिए 1 इंस्पैक्टर, 3 सब-इंस्पैक्टर्स और 1 लेडी कांस्टेबल की एस.आई.टी. गठित की जा चुकी है।
वहीं एस.आई.टी. को यू.टी. के अधिकार क्षेत्र में आने वाले ड्रग डी-एडिक्शन सैंटर्स की जानकारी देते हुए वहां विजिट करने को कहा गया था, ताकि वहां मरीजों से पता लगाया जा सके कि उन्हें ड्रग्स कहां से प्राप्त होती थी। ऐसे 6 सैंटर्स की जानकारी दी गई है। मरीजों से पता चला कि वह स्लम एरिया जैसे धनास, डड्डूमाजरा कालोनी, सैक्टर-56, बापूधाम कलोनी, मनीमाजरा टाऊन, मौली जागरां समेत शहर के अंदरुनी और बाहरी हिस्सों से ड्रग्स खरीदते थे।
इस जानकारी के आधार पर इन जगहों के पुलिस अधिकारियों को आगे लैटर जारी करते हुए उन्हें उनके बीट स्टाफ आदि के जरिए ड्रग्स पर सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं यह भी पता चला कि वे ड्रग्स पंजाब, हरियाणा और जम्मू जैसे सटे राज्यों से भी प्राप्त करते थे। इन राज्यों के संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को अपने स्तर पर उचित्त कार्रवाई के लिए कहा गया है। वहीं एस.आई.टी. द्वारा प्राप्त जानकारी नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सैक्टर-25 के डायरैक्टर को भी दी गई है। इसमें एन.सी.बी. द्वारा अपनी युनिट्स को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।
ये आंकड़े किए पेश, सोर्स के नामों की जानकारी भी दी
1 जनवरी, 2016 से 8 फरवरी, 2017 तक के ड्रग्स मामलों के आंकड़े भी यू.टी. पुलिस ने एफिडेविट में पेश किए हैं। इसमें बताया गया है कि इस अवधि में 174 केस दर्ज किए गए, जिनमें 183 आरोपी पकड़े गए। इनमें से 145 ड्रग एडिक्टिड थे। वहीं 38 ड्रग्स सप्लायर्स थे। वर्ष 2016 और 2017 की इस अवधि में किस प्रकार का कितना ड्रग्स पकड़ा गया उसकी जानकारी भी हाईकोर्ट को दी गई है।
पुलिस ने अपने एफिडेविट में ड्रग्स सप्लायर्स को भी पकडऩे की बात कही है। जिनसे भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई। ऐसे 12 केसों की जानकारी भी हाईकोर्ट को प्रदान की गई है। पुलिस ने चंडीगढ़ में रहने वाले ऐसे 34 सोर्स का नाम भी हाईकोर्ट को बताया है जिनके नाम डि-एडिक्शन सैंटर्स के मरीजों ने पुलिस को दिए। वहीं मोहाली में ऐसे 15 सोर्स, रोपड़ में 4, फतेहगढ़ साहिब में 2 समेत हरियाणा के कुछ जिलों में सोर्स की जानकारी दी गई है।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और यू.पी. में होती है सप्लाई
मैन्युफैक्चरर्स को लेकर पुलिस ने कहा है कि आमतौर पर यह पाया जाता है कि अधिकतर यह ड्रग्स हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में तैयार किया जाता है। मनाली, कुल्लू, मणिकर्ण और मंडी जैसी जगहों का हवाला दिया गया है। यह ड्रग्स वहां से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और यू.पी. में सप्लाई होती है। वहीं जिन मामलों में इंजैक्शंस और टैबलेट्स बरामद होती हैं उनके बारे में कहा गया है कि यह हरिद्वार, देहरादून, पावंटा साहिब और वडोदरा जैसी जगहों पर तैयार होते हैं।
