पूर्व डी.जी.पी. के चार जाली साइन किए ऑर्डर आए सामने

punjabkesari.in Thursday, Jan 20, 2022 - 01:33 PM (IST)

चंडीगढ़, (सुशील/संदीप): एस.पी. सिटी केतन बंसल ने बताया कि सैक्टर-3 थाना प्रभारी शेर सिंह और एस.आई.टी. के सदस्यों ने पंजाब के पूर्व डी.जी.पी. सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के जाली साइन करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने प्रोमोशन के जाली आर्डर, सी.पी.यू., कार, मोबाइल फोन और डिस्पैच रजिस्टर बरामद किया है। उन्होंने बताया कि खरड़ साइबर सैल में तैनात इंस्पैक्टर सतवंत सिंह और पंजाब पुलिस से बर्खास्त सब-इंस्पैक्टर सरबजीत सिंह पंजाब के पूर्व डी.जी.पी. के साथ खास संबंध होने का दावा करते थे।  इंस्पैक्टर सतवंत सिंह, सरबजीत सिंह, सुपरिंटैंडैंट संदीप कुमार से प्रोमोशन के जाली आर्डर, सी.पी.यू., कार, मोबाइल फोन और डिस्पैच रजिस्टर बरामद किया है।

 


 इंस्पैक्टर सतवंत सिंह, सरबजीत सिंह, सुपरिंटैंडैंट संदीप कुमार के साथ जाली आर्डर तैयार करने के लिए पुलिस हैडक्वार्टर में मीटिंग करते थे। सुपरिंटैंडैंट संदीप कुमार जाली प्रोमोशन आर्डर हैड कांस्टेबल मनी कटोच से टाइप करवाता था। सुपरिंटैंडैंट संदीप प्रोमोशन आर्डर पर साइन करवाने के लिए लिस्ट इंस्पैक्टर सतवंत सिंह का देता था। जाली साइन होने के बाद संदीप कुमार ओर बहादुर सिंह अपनी ब्रांच के रजिस्टर में एंट्री करके डिस्पैच लगाकर यूनिटों में फ्लेश कर देते थे। 

 

 

आरोपियों की प्रोफाइल 
पंजाब पुलिस हैडक्वाटर की जी.पी.एफ. ब्रांच का सुपरिंटैंडैंट संदीप कुमार : आरोपी मनी कटोच के साथ मिलकर लैपटॉप पर जाली आर्डर तैयार करना, मोहाली फेस 8 में भ्रष्टाचार का मामला 2010 में है दर्ज। 
-ई1 ब्रांच का सुपरिंटैंडैंट बहादुर सिंह : ई 1 ब्रांच में आर्डर की एंट्री करके डिस्पैच नंबर लगाता था
-हैड कांस्टैबल मनी कटोच : सुपरिंटैंडैंट संदीप कुमार के कहने पर लैपटॉप पर जाली प्रोमोशन लिस्ट तैयार करता था।
-बर्खास्त सब इंस्पैक्टर सरबजीत सिंह : पूर्व डी.जी.पी. के साथ अच्छे संबंध होने का दावा करके जाली साइन करता था।
-इंस्पैक्टर सतवंत सिंह : वह आरोपी सरबजीत को जाली आर्डर बनाने के लिए संदीप कुमार और हैड कांस्टेबल मनी कटोच के साथ मिलकर कहता था। 

 


पटियाला और अमृतसर में होते थे जाली प्रोमोशन ऑर्डर तैयार 
प्रोमोशन को लेकर पंजाब के पूर्व डी.जी.पी. सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के चार जाली साइन किए हुए आर्डर ऑफिस में पाए गए हैं। यह जानकारी पूर्व डी.जी.पी. के स्टाफ में तैनात पी.पी.एस. विभोर कुमार ने पुलिस को दी। जिनमें इंस्पैक्टरों की खराब ए.सी.आर. को ठीक करके उनको जाली साइन करके प्रोमोट किया गया है। पुलिस हैडक्वार्टर में बैठे मुलाजिमों का गिरोह पैसे के लालच के लिए पूर्व डी.जी.पी. के साइन करते थे। सैक्टर-3 थाना पुलिस ने जांच में पाया कि पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की प्रोमोशन के आर्डर पकड़े गए आरोपी अपने रिश्तेदारों के घर पर अमृतसर और पटियाला में प्राइवेट लैपटॉप से बनाते थे। जिनमें उनका साथ खरड़ साइबर सैल में तैनात इंस्पैक्टर सतवंत सिंह, बर्खास्त पुलिस मुलाजिम सरबजीत सिंह और सुखबीर सिंह करता था। ई 1 ब्रांच सुपरिंटैंडैंट सैक्टर-39 निवासी बहादुर सिंह जाली साइन करने के बाद आर्डर पर डिस्पैच नंबर लगा देता था। इसके बाद सभी यूनिटों ओर ब्रांचों में आर्डर फ्लेश कर देते थे, ताकि किसी को कोई शक न हो। 

 

 

पंजाब पुलिस में प्रोमोशन और ट्रांसफर को लेकर बड़ा स्कैंडल 
सैक्टर-3 थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी शातिर हैं, पुलिस के सामने बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। पुलिस ने कहा कि प्रोमोशन और ट्रांसफर को लेकर यह पंजाब पुलिस में बहुत बड़ा स्कैंडल है। इस स्कैंडल में पंजाब पुलिस के बहुत से मुलाजिम शामिल हैं। आरोपी पकडऩे जाने के बाद गिरोह के कई लोग फरार हो गए हैं और कई अग्रिम जमानत याचिका दायर करने में लगे हुए हैं। 

 


इन जवानों की हुई थी प्रोमोशन 
एस.आई. नरेंद्र सिंह और एस.आई. हरविंदर सिंह को रैगुलर एस.आई. पद पर प्रोमोट किया गया, जबकि ए.एस.आई. कुलदीप सिंह को एस.आई., हैड कांस्टेबल मनी कटोच को ए.एस.आई., ए.एस.आई. जगनंदन को एस.आई., सीनियर कांस्टेबल बरिंदर सिंह को ए.एस.आई., ए.एस.आई. जसविंदर को एस.आई., हैड कांस्टैबल मंदीप को ए.एस.आई., हैड कांस्टेबल अमृतपाल को ए.एस.आई., हैड कांस्टैबल राजकुमार को ए.एस.आई., हैड कांस्टेबल राजकुमार को ए.एस.आई. और ए.एस.आई. बलजिंदर सिंह को एस.आई. बनाया गया था। 


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News Editor

Ajay Chandigarh

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