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गोल्डन फॉरैस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा

2020-05-23T13:40:24.763

लालडू(गुरप्रीत) : लालडू के दर्जनों गांवों में गोल्डन फारैस्ट कंपनी की हजारों एकड़ जमीन पंजाब सरकार के नाम पर होने के बावजूद उक्त जमीन पर पिछले दो दशक से सरकार में रसूख रखने वाले राजनेताओं ने कथित तौर पर अवैध कब्जे किए हुए हैं। अवैध कब्जा करने वाले उक्त जमीन से लाखों कमाकर पंजाब सरकार को चूना लगा रहे हैं। 

सरकार को 200 करोड़ रुपए का चूना लगाया :
उक्त जमीन को फिर से कृषि के लिए तैयार किया जा रहा है, यही नहीं कईयों ने जमीन को आगे ठेके पर भी देना शुरू कर दिया है। दो दशकों से अवैध कब्जाधारकों ने सरकार को 200 करोड़ का चूना लगा दिया है। मांग उठ रही है कि हजारों एकड़ जमीन जो कि पंजाब सरकार के नाम है, उसे सरकार
अपने कब्जे में लेकर नीलाम करे और करोड़ों इकट्ठा कर सरकारी खजाने में जमा करवाए।

कहां-कहां है कंपनी की जमीन :
गांव जड़ौत में 200, मीरपुरा में 100, संगोधा में 100, धीरेमाजरा 50, झरमड़ी में 100 एकड़ जमीन समेत मीरपुरा, कुरली, बटौली, जौलाकला, जोला खुर्द, रामपुर बहाल, समगौली और अन्य गांवों में कंपनी की जमीन है, जो कंपनी की तरफ से अढ़ाई दशक पहले किसानों से मार्कीट रेट पर खरीदी थी। 

बाद में कंपनी विवादों में घिर गई जिसके चलते प्रबंधकों को कानूनी प्रक्रिया ने घेर लिया, इसी दौरान कंपनी की जमीन को राजनीतिक रसूख वालों ने अपनी पहुंच के चलते अवैध तौर पर कब्जे में ले लिया और उक्त जमीन में कृषि करके करोड़ों रुपए कमाए। 

कंपनी की जमीन पर कब्जा करने वाले ज्यादातर लोग राजनीतिक सरपरस्ती वाले हैं, जो कि सरकार बदलने पर अपने आका भी बदल लेते हैं, लेकिन जमीन से कब्जा नहीं छोड़ते। उक्त जमीन से संबंधित कई मामले पुलिस के पास विचाराधीन हैं, पिछले काफी समय में कंपनी की जमीन पर अवैध खनन का खेल भी बड़े स्तर पर हो रहा है परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस-प्रशासन ने आंखें मूंदी :
गोल्डन फॉरैस्ट कंपनी के कानूनी विवादों में घिरने के कारण कोर्ट के एक आदेश ने कंपनी की हलका डेराबस्सी में पड़ी सारी जमीन माल विभाग ने पंजाब सरकार के नाम चढ़ा दी। 

इस समय कंपनी की सारी जमीन पंजाब सरकार का नाम पर है, जबकि उक्त जमीन पर राजनीतिक सरप्रस्ती वाले लोगों ने कब्जे किए हुए हैं। इतना ही नहीं उनके द्वारा जमीन में खेती की जा रही है, और कब्जाधारक अगली फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं, कई व्यक्ति तो इस जमीन को सादे पेपर पर एग्रीमैंट कर कास्तकारों को ठेके पर दे रहे हैं, जिससे सरकार को हर साल करोड़ों का माली नुसान हो रहा है। 

कब्जाधारियों पर की जाएगी कार्रवाई :
एस.डी.एम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने बताया कि अभी कोविड-19 के चलते लॉकडाऊन लगा हुआ है और लॉकडाऊन खुलने के बाद उक्त जमीन के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। नायब तहसीलदार डेराबस्सी जसवीर कौर ने कहा कि उक्त जमीन से संबंधित मामले पर लॉकडाऊन के बाद जांच होगी।
 


Priyanka rana

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