ग्रैजुएट कांस्टीयूएंसी चुनाव : संदीप सिंह जीते, 3667 वोट मिले

10/20/2021 1:04:44 AM

चंडीगढ़,(रश्मि हंस): पंजाब यूनिवर्सिटी (पी.यू.) में सीनेट के रजिस्टर ग्रैजुएट कांस्टीयूएंसी के फस्र्ट प्रैफरैंस के वोटों गिनती हो गईं। ग्रैजुएट कांस्टीयूएंसी में होशियारपुर से संदीप सिंह सबसे अधिक वोटों से जीते हैं। उन्होंने  ग्रैजुएट कांस्टीयूएंसी में  तीन हजार 667 वोट हासिल किए हैं। सीनेट में यह उनकी दूसरी टर्म है। संदीप सिंह गरीब तबके  से जुड़े स्टूडैंट और शिक्षकों के अधिकारों के लिए सीनेट में हर बार आवाज उठाते रहे हैं।

 

संदीप ने कहा कि वह फिलहाल किसी ग्रुप से नहीं हंै। वह व्यक्तिगत तौर पर चुनाव लड़े हैं। संदीप सिंह ने बताया कि उन्हें  चुनाव जीतने की उम्मीद तो थी, लेकिन इतने अधिक वोट मिलेंगे यह नहीं सोचा था। मैं सभी वोटरों को धन्यवाद देता हूं। होशियारपुर से इस बार संदीप सिंह अकेले चुनावों में खड़े थे। इससे पहले होशियारपुर से जरनैल सिंह और एस.एस. रंधावा चुनाव लड़ते थे। जरनैल सिंह ने इस बार चुनाव नहीं लड़े है, हालांकि उन्होंने भी सीनेट में 20 वर्ष से ज्यादा का समय गुजारा है। वहीं रंधावा अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। 

 


डा. मुकेश अरोड़ा को 2359 वोट पड़े 
बीजेपी से जुड़े सीनेटर मुकेश अरोड़ा लुधियाना से जीतते रहे। सीनेट में उनकी यह सातवीं टर्म होगी। वह 24 वर्ष सीनेट में गुजार चुके हैं। मुकेश अरोड़ा ने बताया कि  सभी को काम करने के लिए सामान पैमेंट मिलनी चाहिए। क्वालिटी एजुकेशन अर्फोडेबल फीस पर मिलनी चाहिए। कोई गरीब बच्चा ऐसा न हो जो पढ़ाई से फीसों के  कारण वंचित रह जाए। वहीं जो शिक्षक 10 से 15 वर्ष से कालेजों में काम कर रहे हैं और रैगुलर नहीं हुए हैं उनके लिए काम करना है।  

डी.पी.एस. रंधावा को मिले 2386 वोट
एडवोकेट डी.पी.एस. रंधावा देश भर में तीसरे स्थान पर रहे हैं। रंधावा ने सभी  वोटरों का धन्यवाद दिया। रंधावा ने कहा कि टीङ्क्षचग और नॉन टीचिंग से जुड़े सभी मुद्दे हैं, जिन्हें वह उठाएंगे और पहले भी उठाते रहे हैं। कोरोना के कारण स्टूडैंट्स का जो भी नुकसान हुआ है उसे जल्द ही पूरा करने की कोशिश की जाएगी। वहीं पी.यू. को जो कोरोना के कारण नुकसान हुआ है, उसे पूरा किया जाएगा। रंधावा गोयल एंड गोयल ग्रुप से जुड़े हैं। सीनेट के चुनाव करवाने के लिए कोर्ट में जो केस डाला गया था। रंधावा उसी ग्रुप के साथ है। रंंधावा ने कहा कि सीनेट हमारा डैमोक्रे टिक अधिकार है, जिसे बने रहना जरूरी है। 91 में से 51 सीटों पर चुनाव के जरिए सीनेट बनती है।  

डी.पी.एस. रंधावा
जो भी उम्मीदवार जीते हैं वह व्यक्तिगत तौर पर जीते हैं :  पूर्व सीनेटर  
कुछ पूर्व सीनेटरों ने जीते उम्मीदावरों को बधाई देते हुए कहा कि जो भी उम्मीदवार जीते हैं वह व्यक्तिगत तौर पर जीते हैं। किसी भी ग्रुप के साथ जुड़े होने या न जुड़े होने के कारण उनकी जीत  नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को बीजेपी या कांगे्रस  के साथ डिवाइड करके देख जाता रहा है, लेकिन  जीतते वहीं उम्मीदवार हैं जो फील्ड में काम करते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ते हैं। उम्मीदवारों को वोट किसी  ग्रुप के आधार पर नहीं दी जाती है। 


 अभी तक डी.ए.वी. ग्रुप से एक भी सीट नहीं आई 
पहली प्रैफरैंस में दो उम्मीदवार पंजाब से व एक चंडीगढ़ से चुने जाते हैं। वहीं अभी तक डी.ए.वी. ग्रुप की एक भी सीट नहीं आई है। 20 अक्तूबर को पी.यू. के जिम्नेजियम हाल में वोटों की गिनती नहीं की जाएगी। 21 अक्तूबर से पी.यू. में  हर रोज सुबह 9 से शाम 6 बजे तक रैगुलर वोटों की गिनती होगी। 
 

वैलिड इन वैलिड वोट 
 

कुल वोटो पोल        52893
इनवैलिड        6817
वैलिड             46076
कोटा             2880
 

हार-जीत का फैसला
उम्मीदवार            वोटों की संख्या
बी.सी. जोशन              1895
हरजोध सिंह             1631
इकबाल सिंह               1069
भूपिंद्र सिंह                816
जगवंत सिंह             1649
कपिल शर्मा             1370
लाजवंत सिंह विर्क     1579
मनीष वैय्यर             2606
नरेश गौड़               1795
रविंद्र सिंह              1637
वरिंद्र सिंह                  2022
सिमरत सिंह ढिल्लों      2720    
 


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News Editor

Vikash thakur

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