ऑनलाइन भुगतान करते समय धोखा न खाएं! सुरक्षित लेनदेन के लिए यह कदम उठाएं

punjabkesari.in Friday, Apr 22, 2022 - 04:32 PM (IST)

आज के समय में उपभोक्ताओं के बीच ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन और रीयल-टाइम लेनदेन एक बड़ी सफलता साबित हुई है। हालांकि, इन सब के बीच साइबर क्रिमिनल्स ने उपभोक्ताओं को ठगने के लिए ऑनलाइन लेनदेन को आज एक जरिया बना लिया है। पिछले कुछ वर्षों में पेमेंट से सम्बंधित धोखाधड़ी बेहद जटिल हो गई है जिससे कि उपभोक्ताओं के लिए इनकी पहचान करना कठिन हो गया है। आरबीआई की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 में रुपए 71,500 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2020 में रुपए 100,000 और उससे अधिक की बैंक धोखाधड़ी जो कि दोगुनी से भी अधिक थी रुपए  1.85 लाख करोड़ हो गई। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि समान अवधि के दौरान ऐसे धोखाधड़ी के मामलों की संख्या में 28% की वृद्धि दर्ज हुई है। डिजिटल लेनदेन में निरंतर वृद्धि के साथ ही, ऑनलाइन पेमेंट अब हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, साइबर सिक्योरिटी से सम्बंधित सुरक्षित अनुभव के लिए कुछ उपाय करने बेहद जरुरी है।

 

ऑनलाइन पेमेंट करते समय धोखाधड़ी से बचने के लिए अपना सकते हैं ये 6 उपाय:

 

1. किसी भी अजनबी के साथ ऑनलाइन घुलने-मिलने तथा वित्तीय जानकारी के बारे में खुलासा करने से बचें: बैंक कभी भी टेलीफोन, ईमेल या टेक्स्ट मेसेजेस पर किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते हैं। इसलिए, पिन, पासवर्ड, ओटीपी या अपने संगठन की वित्तीय जानकारी किसी के साथ भी, यहां तक कि अपने करीबी लोगों के साथ भी बिना किसी जाँच परख के साझा करने से बचें।

2. यह अच्छी तरह से सुनिश्चित कर लें कि वेबसाइट पूर्णतः सुरक्षित हैः किसी भी नई वेबसाइट पर भुगतान करते समय, उसके चेकआउट और भुगतान पृष्ठों पर अपने कार्ड के डिटेल्स दर्ज करने से पहले, टास्कबार के ऊपरी बाएं कोने में पैडलॉक सिंबल की जांच अवश्य कर लें। यह ग्रीन पैडलॉक अंतिम उपयोगकर्ता के लिए एक सिंपल विजुअल क्यू है जो कि दर्शाता है कि अमुक वेबसाइट सुरक्षित है। सुरक्षित वेबसाइट का पता लगाने का एक और तरीका है, वेबसाइट का यूआरएल। अगर यूआरएल जजच के बजाय जजचे से शुरू होती है, तो वेबसाइट को एक सुरक्षित कनेक्शन माना जाता है।

3. फि़शिंग घोटालों से सावधान रहें: इस समय फि़शिंग घोटाले दुनिया भर में अपने उच्चतम स्तर पर हैं। अगर आप सतर्क नहीं हैं तो इस प्रणाली के माध्यम से, हमलावर ईमेल और संदेश को एक सर्विस प्रोवाइडर या बैंक आदि जैसी प्रसिद्ध संस्थाओं को प्रतिरूपित करते हैं जो कि हूबहू उनके जैसे ही दिखते हैं, जिससे कि इनमे किसी भी प्रकार का अंतर करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस तरह के फि़शिंग घोटालों का शिकार होने से बचने के लिए, संवेदनशील जानकारी पर क्लिक करने या दर्ज करने से पहले हमेशा हाइपरलिंक के यूआरएल की जांच अवश्य करें। यह संभव है कि हाइपरलिंक किया गया टेक्स्ट उस स्थान से भिन्न हो जहां से यूआरएल रीडायरेक्ट किया गया हो, जो कि एक डाउनलोड लिंक या फिर एक समान डिज़ाइन वाली कोई अन्य वेबसाइट हो सकती है।

4. प्राइवेसी पॉलिसीज को ध्यान से पढ़े और दबाव का विरोध करें: हालांकि लंबी और जटिल होने की साथ ही, प्राइवेसी पॉलिसीज आपको बताती हैं कि साइट किस तरह से व्यक्तिगत जानकारी को एकत्रित कर उसे सुरक्षा प्रदान करती है। अगर आप किसी साइट की प्राइवेसी पॉलिसी को नहीं देख पाते या समझ पाते तो कहीं और व्यवसाय करने पर विचार करें। इसके अलावा, हमेशा तुरंत कार्य करने के दबाव का विरोध करें चूंकि वैध व्यवसाय आपको निर्णय लेने का समय देंगे।

5. संदिग्ध भुगतान के तरीकों से सावधान रहें: हाल के ऑनलाइन स्कैम्स अजनबियों से सम्बंधित है जो कि खुद को किसी पेमेंट स्टोर से बताते हुए टेलीफोन कॉल के माध्यम से कॉल पर होल्ड रहकर आपसे ओटीपी रियल टाइम मांगते है। इसलिए कभी भी ऑनलाइन लेन-देन करते समय किसी भी अजनबी से जानकारी साझा न करें या पेमेंट इंस्ट्रक्शन न लें। अगर अमुक व्यक्ति फिर भी जोर देता है, तो लेनदेन को तुरंत रद्द कर दें और अधिकारियों के पास इसकी शिकायत दर्ज करें।

6. भुगतान हो जाने के बाद वैरिफाई करें: सुरक्षित रहने का एक और आसान तरीका है कि हमेशा अपने लेनदेन को ई-चालान और ईमेल अलर्ट के माध्यम से वैरिफाई करें। आज कल मोबाइल बैंकिंग की प्रगति के साथ, कोई भी व्यक्ति कुछ ही सेकंड में यह आसानी के साथ जांच सकता है कि उसके खाते की डिटेल्स के माध्यम से किया गया लेनदेन सही है या नहीं।

निरंतर बढ़ते स्कैम्स के बीच, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप अपने आस-पास के माहौल के बारे में जागरूक रहें और हाल ही में हुए धोखाधड़ी से सम्बंधित गतिविधियों के बारे में अप-टू-डेट रहें। यद्यपि आप सही तरीके से कार्य कर इस नुकसान से बच सकते हैं, इसके लिए महत्वपूर्ण है कि आप अपने परिवार और दोस्तों को शिक्षित करें और उन्हें किसी भी तरह की साइबर क्राइम गतिविधियों से बचाएं। रेज़रपे द्वारा जनहित में जारी।


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News Editor

Pankaj Pande

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