न तो पार्सल विभाग कंप्यूटराइज्ड हुआ न स्टोर रूम बना

2021-01-07T21:22:22.67

चंडीगढ़ (लल्लन यादव): रेलवे को चंडीगढ़ पार्सल विभाग से महीने में करोड़ों रुपए की कमाई होती है, लेकिन इसके बावजूद विभाग इसे नजर अंदाज कर रहा है। क्योंकि पार्सल विभाग के पास पार्सल स्टोर न होने के कारण पूरा सामान प्लेटफार्म पर ही पड़ा रहता था। ऐसे में कई बार पार्सल चोरी होने की शिकायतें आती रही हैं। इसके बाद भी विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हालांकि रेलवे ने 5 साल पहले प्लेटफार्म नंबर-6 के पास पार्सल स्टोर बनाने का फैसला लिया था, जिसका प्रोपोजल भी पास हो चुका था लेकिन इसके बाद से अभी तक पार्सल विभाग के स्टोर रूम का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके साथ ही रेलवे की ओर से 2015 में दावा किया गया था कि 6 माह के भीतर पार्सल विभाग को कप्यूटराइज्ड कर दिया जाएगा लेकिन इसके बाद भी कंप्यूटर सुविधा शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में पार्सल विभाग के अधिकारी कागज वर्क ही कर रहे हैं। 


पहले योजना प्लेटफार्म-6 पर फिर 1 पर
रेलवे की ओर से पहले प्लेटफार्म नंबर-6 पर पार्सल स्टोर रूम बनाने का प्रोपोजल तैयार किया गया था, जिसके लिए रेलवे ने 15 लाख रुपए भी पास किए गए थे लेकिन यह प्रोपोजल भी सिरे नहीं चढ़ सका। इसके बाद विभाग की ओर से कहा गया कि स्टोर रूम प्लेटफार्म नंबर-1 पर बनेगा। इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से जगह पर निशान भी बनाया गया लेकिन विभाग ने स्टोर रूम की जगह दो रिटायारिंग रूम बना दिया गया। ऐसे में विभाग की ओर से स्टोर रूम न होने के कारण पार्सल का पूरा सामान इधर-उधर बिखरा रहता है। यही नहीं कई बार कीमती सामान पर चोर भी हाथ भी साफ कर लेते हैं। 

 


अभी हो रहा कागजी कार्य
रेलवे की ओर से कुछ समय पहले रेलवे स्टेशन के पार्सल विभाग को पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड करने का फैसला लिया गया और इसकी घोषणा सीनियर डी.सी.एम. की ओर से की गई थी कि 6 माह के भीतर पार्सल विभाग को पेपरलैस बनाया जाएगा। अब 6 साल का समय निकल गया लेकिन अभी तक पार्सल विभाग में एक कंप्यूटर तक नहीं पहुंचा। ऐसे में कहा जा सकता है कि रेलवे की ओर से सिर्फ घोषणाएं ही होती हैं। कोई कार्य सिरे नहीं चढ़ सका। 


अंडरपास की भी नहीं हो सकी व्यवस्था
पार्सल विभाग की ओर से कई बार पार्सल को प्लेटफार्म नंबर-1 से दूसरे व तीसरे प्लेटफार्म पर ले जाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पार्सल विभाग की ओर से उच्चाधिकारियों से कई बार अंडरब्रिज बनाने को लेकर पत्र भी लिखा जा चुका है कि प्लेटफार्म नंबर-1 से अन्य प्लेटफार्म पर जाने के लिए छोटा अंडरपास बनाया जाए, जिससे पार्सल विभाग के कर्मचारी आसानी से रहेड़ी पर सामान लेकर दूसरे प्लेटफार्म ले जा सके, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक अंडरपास का कार्य भी सिरे नहीं चढ़ सका। 


अब स्मार्ट सिटी के तहत होगा काम
वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू होना है। ऐसे में यह सभी प्रौजेक्ट शामिल हैं। वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। उम्मीद है कि इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।


News Editor

ashwani

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