मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को दिया ‘पदक लाओ-पदक बढ़ाओ’ का नारा

Tuesday, Aug 16, 2022 - 08:55 PM (IST)

चंडीगढ़,(बंसल): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के खिलाडिय़ों को ‘पदक लाओ-पदक बढ़ाओ’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पदक विजेता खिलाड़ी को अपने जैसे 5 से 10 खिलाड़ी तैयार करने होंगे। यह तब संभव हो सकता है जब खेल को करियर के रूप में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में इस बार चौथे स्थान पर आया है। हमारा लक्ष्य इस पदक तालिका में पहले स्थान पर आना है और यह लक्ष्य हरियाणा के खिलाड़ी जरूर हासिल कर सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के खिलाडिय़ों से प्रधानममंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 5 प्रण को आत्मसात करने का आह्रान भी किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की खेल नीति और खिलाडिय़ों की प्रशंसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी की है। हरियाणा देश की खेलों की राजधानी है जिससे बाकी प्रदेश प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री गुरुग्राम में राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं एवं इनमें भाग लेने वाले खिलाडिय़ों के सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 


मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को नकद ईनाम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को 1 करोड़ 50 लाख रुपए, रजत पदक विजेता को 75 लाख रुपए और कांस्य पदक विजेता को 50 लाख रुपए नकद पुरस्कार दिए। वहीं चौथे स्थान पर आने वाले को 15 लाख रुपए की राशि दी गई। इसके साथ-साथ राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल होने वाले खिलाडिय़ों को साढ़े 7 लाख रुपए की राशि दी गई। बॄमघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में हरियाणा के भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल खिलाडिय़ों सहित कुल 29 खिलाडिय़ों ने पदक जीते हैं। इन्हें प्रदेश की खेल नीति के अनुसार कुल 25 करोड़ 80 लाख रुपए की नकद ईनाम राशि दी गई। साथ ही खिलाडिय़ों को नौकरी का नियुक्ति पत्र भी दिया गया।
 

 

खिलाडिय़ों की उपलब्धियों से समूचे प्रदेश में उत्सव जैसा वातावरण
मनोहर लाल ने कहा कि पूरे देश में हरियाणा के खिलाडिय़ों की चर्चा हो रही है। साथ ही सरकार द्वारा स्कूल के स्तर से लेकर ओलिम्पिक की तैयारियों तक दिए जा रहे प्रोत्साहन और सुविधाओं की भी सराहना हो रही है। खिलाडिय़ों की उपलब्धियों से समूचे प्रदेश में उत्सव जैसा वातावरण है। खिलाडिय़ों ने अपने खेल प्रदर्शन से हरियाणा प्रदेश का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना एक कीॢतमान तो है ही, इन विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना ही अपने आपमें एक महान उपलब्धि है। इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले देश के 215 खिलाडिय़ों में से 42 युवा हरियाणा के हैं। हमारे खिलाडिय़ों ने देश के 61 में से 20 पदक जीते हैं। इनमें से 17 पदक व्यक्तिगत स्पर्धा में और 3 पदक टीम इवैंट में हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में हमारी बेटियां सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
 

 

हरियाणा के खिलाडिय़ों ने देश व प्रदेश का नाम किया रोशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के जिला सोनीपत के सुधीर ने पैरा पावर लिङ्क्षफ्टग खेल में गोल्ड मैडल जीता है। सुधीर पैरा पावर लिङ्क्षफ्टग में गोल्ड मैडल जीतने वाले पहले भारतीय हैं। इसी प्रकार, हरियाणा ने बॉकिं्सग में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर व 1 कांस्य पदक, कुश्ती में 6 गोल्ड, 1 सिल्वर तथा 4 कांस्य पदक तथा एथलैटिक्स में 1 कांस्य पदक जीता है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता है। यह टीम लगभग हरियाणा की ही है, क्योंकि इसमें प्रदेश की 9 बेटियां खेल रही हैं। भारतीय हॉकी टीम की कैप्टन के रूप में सविता पूनिया ने नेतृत्व किया, जो कि सिरसा की रहने वाली हैं। इस प्रकार हरियाणा प्रदेश के खिलाडिय़ों ने देश के कुल पदकों का 28 प्रतिशत पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। इसमें हॉकी को भी शामिल कर लिया जाए, तो यह बढ़कर 32.7 प्रतिशत हो जाता है।
 

 

खेलों से हरियाणा के युवाओं के लिए एक नई राह खुली 
मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रतिभाओं को तराशने के लिए अनेक सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए हैं। इससे राज्य में एक नई खेल संस्कृति का जन्म हुआ। खेलों से हरियाणा के युवाओं के लिए एक नई राह खुली है, जिससे हर खेल में खिलाडिय़ों का भविष्य सुनहरा दिख रहा है। प्रदेश सरकार ने खिलाडिय़ों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने हेतु ‘हरियाणा प्रतिभाशाली खिलाड़ी नियम-2018’ बनाए हैं। उनके लिए खेल विभाग में 550 नए पद सृजित किए हैं। इसके अलावा, 156 खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी दी गई है। खिलाडिय़ों के लिए क्लास वन से क्लास फोर तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार जीतने वाले खिलाडिय़ों का मानदेय 5,000 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह किया गया है। तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार रुपए पतिमाह और भीम पुरस्कार विजेताओं को 5,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय देने की शुरूआत की है।

Ajay Chandigarh

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