US-Iran Ceasefire: सीजफायर और होर्मुज खुलने से निर्यातकों को राहत, शिपिंग बाधाएं कम

punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 12:46 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के साथ-साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा से निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी और पोत परिवहन मार्ग के व्यवधान कम होंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने की घोषणा की। ईरान ने युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित नौवहन की अनुमति देने पर सहमति जताई, जिससे तेल, शेयर बाजार और मुद्रा बाजार में तेजी से बदलाव आया। 

फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा, "युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना निर्यातकों को शिपिंग बाधाओं, उच्च ढुलाई दरों और बीमा लागत में राहत देता है।" उन्होंने कहा कि जबकि यह अल्पकालिक रूप से लॉजिस्टिक्स को सामान्य करने में मदद करेगा, निर्यातक अभी भी युद्धविराम की अस्थायी प्रकृति को देखते हुए सतर्क रहेंगे। रल्हन ने कहा, "स्थिरता बनाए रखना जरूरी है ताकि विश्वास बहाल हो और व्यापार सुचारू रूप से चल सके।"

युद्धविराम की घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम एशियाई क्षेत्र भारतीय निर्यातकों के लिए एक प्रमुख निर्यात गंतव्य है। इस क्षेत्र में संघर्ष ने खाड़ी देशों को माल भेजने में कठिनाई उत्पन्न की है। खाड़ी देशों के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में 178 अरब डॉलर था (56.87 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 121.67 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात)। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को किए संयुक्त हमले और फिर जवाबी ईरानी कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों की आवाजाही को गंभीर रूप से बाधित कर दिया। रल्हन ने कहा कि यह क्षेत्र बासमती चावल, समुद्री उत्पाद और ताजे उत्पादों के लिए सबसे बड़ा कृषि निर्यात गंतव्य है। उन्होंने बताया कि ताजा फल और सब्जियों के परिवहन में हवाई और समुद्री भाड़ा बढ़ गया है।  


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News