Mango Exports: विदेशों में छाया भारतीय आम, एक्सपोर्ट से हुई रिकॉर्ड कमाई, UAE बना सबसे बड़ा खरीदार

punjabkesari.in Tuesday, May 26, 2026 - 04:54 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारतीय आम एक बार फिर दुनिया भर में अपनी मिठास और खुशबू से लोगों का दिल जीत रहे हैं। खाड़ी देशों से लेकर यूरोप, अमेरिका और सिंगापुर तक भारतीय आमों की भारी मांग देखने को मिल रही है। बढ़ते एक्सपोर्ट, बेहतर लॉजिस्टिक्स और विदेशी बाजारों में बढ़ती लोकप्रियता के चलते भारत के आम निर्यात ने नया रिकॉर्ड बना दिया है।

एक्सपोर्ट से 470 करोड़ रुपए की कमाई

एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 29,938 मीट्रिक टन ताजे आमों का निर्यात किया। इससे देश को 470 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत मानी जाती है।

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विदेशों में बढ़ी भारतीय आमों की मांग

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीय आमों का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कतर, कुवैत और सिंगापुर जैसे देशों में भी भारतीय आमों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सिंगापुर में भारतीय आमों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और सुपरमार्केट में आम तेजी से बिक रहे हैं।

अल्फांसो अब भी सबसे पसंदीदा

महाराष्ट्र का Alphonso Mango आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अब भी ‘आमों का राजा’ माना जाता है। वहीं गुजरात का केसर, दक्षिण भारत का तोतापरी और उत्तर भारत के लंगड़ा व चौसा आम भी विदेशी ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं। खासतौर पर किफायती कीमत के कारण केसर आम की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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आधुनिक हुआ एक्सपोर्ट सिस्टम

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आम निर्यात के लिए कोल्ड-चेन नेटवर्क, पैकेजिंग और फाइटोसैनिटरी मानकों में काफी सुधार किया है। इसके साथ ही भारतीय दूतावासों और APEDA द्वारा विदेशों में फूड फेस्टिवल और प्रमोशनल इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे भारतीय आमों की ब्रांडिंग मजबूत हुई है।

चुनौतियां अब भी बरकरार

भारी मांग के बावजूद निर्यातकों को सीमित सीजन, महंगी एयर कार्गो लागत और कई देशों के सख्त आयात नियमों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद भारतीय आम वैश्विक बाजार में लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।

 


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Content Writer

jyoti choudhary

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