कपड़ा, दवा, इंजीनियरिंग क्षेत्रों को भारत-ईयू एफटीए से मिलेगा बड़ा बढ़ावा: निर्यातक

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 01:56 PM (IST)

नई दिल्लीः भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से कपड़ा, दवा, रसायन, इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषणों के निर्यात को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। निर्यतकों ने यह उम्मीद जताई। इस समझौते के लिए वार्ता पूरी होने की घोषणा 27 जनवरी को हो सकती है। उद्योग का अनुमान है कि एफटीए के कारण शुल्क समाप्त होने से अगले तीन वर्षों में यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात दोगुना हो जाएगा। निर्यातकों ने उल्लेख किया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह समझौता निर्यातकों के लिए एक स्थिर ढांचा प्रदान करेगा। इससे भारतीय कंपनियां दीर्घकालिक निवेश की योजना बना सकेंगी और यूरोपीय मूल्य श्रृंखला से जुड़कर बाजार तक पहुंच सुरक्षित कर सकेंगी। 

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा, ''यह एफटीए किसी एक बाजार पर हमारी निर्भरता को कम करने के लिहाज से एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।'' उन्होंने आगे कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क बहुत अधिक होने के कारण घरेलू निर्यातकों को उच्च लागत और प्रतिस्पर्धा में कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वे अपने निर्यात बाजार में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं। 

कानपुर स्थित ग्रोमोर इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक यदुवेंद्र सिंह सचान ने कहा कि घरेलू चमड़ा निर्यातकों को इस अवसर का उपयोग निर्यात बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एफटीए भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा बदलाव लाएगा। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि अमेरिकी शुल्कों में भारी वृद्धि भारतीय निर्यातों के एक बड़े दायरे को प्रभावित कर रही है, जिससे निर्यात बाजारों और व्यापार रणनीतियों में विविधीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत का पता चलता है।  


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Content Writer

jyoti choudhary

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