Sugar Prices Hike: बढ़ सकते हैं चीनी के दाम! समय से पहले मिलें बंद...जानिए कारण?

punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 11:21 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारत में चीनी उत्पादन लगातार दूसरे साल घरेलू खपत से कम रहने की आशंका है। गन्ने की कमजोर पैदावार के चलते चीनी मिलें इस बार सामान्य से पहले बंद हो रही हैं, जिससे बाजार में सप्लाई दबाव में आ सकती है और कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।

उद्योग से जुड़े जानकारों के मुताबिक, इस सीजन में कुल उत्पादन करीब 2.8 करोड़ मीट्रिक टन के आसपास रहने का अनुमान है, जो शुरुआती आकलन से काफी कम है। सीजन की शुरुआत में ISMA और NFCSF ने करीब 3.1 करोड़ टन उत्पादन का अनुमान लगाया था, जबकि घरेलू मांग 2.9 करोड़ टन के आसपास बताई गई थी।

कम उत्पादन की बड़ी वजह

इस साल गन्ने की पैदावार पर अत्यधिक बारिश का असर पड़ा है। NFCSF के आंकड़ों के अनुसार, इस साल शुरू हुई 541 मिलों में से 467 मिलें मार्च के अंत तक बंद हो चुकी हैं, पिछले साल इसी समय तक 420 मिलें बंद हुई थीं। इस लिहाज से देखा जाए तो चालू वर्ष में अब तक बंद होने वाली मिलों की संख्‍या पिछले साल के मुकाबले कहीं ज्‍यादा है।

उत्पादन के ताजा आंकड़े

2025-26 के विपणन वर्ष की पहली छमाही में देश में 2.71 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 9% ज्यादा है लेकिन पूरे सीजन के लिए यह पर्याप्त नहीं माना जा रहा। खासतौर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में मिलें समय से पहले बंद हो गई हैं।

निर्यात बढ़ाने का असर

सरकार ने फरवरी में चीनी निर्यात कोटा बढ़ाकर 20 लाख टन कर दिया था, जिसमें पहले के 15 लाख टन में 5 लाख टन और जोड़े गए। लेकिन अब कम उत्पादन के चलते घरेलू भंडार पर दबाव बढ़ गया है।

भंडार घटने से बढ़ेंगी कीमतें

इस सीजन की शुरुआत करीब 50 लाख टन के शुरुआती स्टॉक के साथ हुई थी, लेकिन अगला सीजन 40 लाख टन से भी कम भंडार के साथ शुरू हो सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी तय मानी जा रही है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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