Rule Change from August: अगस्त से बदल जाएंगे कई नियम, जानिए आपकी जेब पर कितना होगा असर?
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 11:47 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः कुछ दिनों बाद नए महीने की शुरुआत के साथ ही कई नए नियमों में बदलाव होने वाला है। इनका असर बैंकिंग, टैक्स, रेलवे टिकट बुकिंग, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों, क्रेडिट कार्ड और केवाईसी जैसी सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में नए नियमों की जानकारी पहले से होना बेहद जरूरी है।
क्रेडिट कार्ड और FD से जुड़े नियम में बदलाव
1 अगस्त से कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसमें रिवॉर्ड पॉइंट्स, शुल्क और अन्य सुविधाओं में संशोधन शामिल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी बदलाव कर सकते हैं।
यदि इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) रेपो रेट में बदलाव करती है, तो इसका असर लोन की ईएमआई और एफडी पर मिलने वाले ब्याज दोनों पर देखने को मिल सकता है।
ITR फाइल नहीं किया तो देना पड़ सकता है जुर्माना
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी। जो करदाता तय समय तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं, उन्हें विलंब शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में टैक्स व्यवस्था चुनने पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, ITR-3 और ITR-4 (बिना ऑडिट वाले मामलों) की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है, जबकि ऑडिट वाले मामलों के लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। वहीं, बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक, संशोधित रिटर्न 31 मार्च 2027 तक और अपडेटेड रिटर्न 31 मार्च 2031 तक दाखिल किया जा सकेगा।
रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग का नया नियम
1 अगस्त से भारतीय रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव करने जा रहा है। नए नियम के तहत तत्काल टिकट के लिए टोकन जारी करने का समय अब टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ ही होगा। इससे रिजर्वेशन काउंटरों पर भीड़ कम होने और यात्रियों को टिकट बुक कराने में आसानी मिलने की उम्मीद है।
LPG सिलेंडर के नए दाम होंगे जारी
हर महीने की तरह 1 अगस्त को भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी करेंगी। यदि कीमतों में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर घर के रसोई बजट और व्यावसायिक खर्चों पर पड़ेगा।
आधार और CKYC से जुड़ा नया सिस्टम
1 अगस्त से बैंक, बीमा कंपनियां और एसेट मैनेजमेंट कंपनियां कॉमन कस्टमर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी CKYC 2.0 लागू करेंगी। इस व्यवस्था के तहत ग्राहक की सहमति मिलने पर संस्थान केंद्रीय रजिस्ट्री में उपलब्ध केवाईसी डेटा का उपयोग कर सकेंगे।
इससे नया खाता खोलने और केवाईसी अपडेट करने की प्रक्रिया तेज होगी, साथ ही फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर भी रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इन सभी बदलावों का सीधा संबंध आम लोगों की दैनिक वित्तीय गतिविधियों से है। इसलिए 1 अगस्त से पहले इन नियमों की जानकारी रखना आपके बजट और वित्तीय योजनाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
