अप्रैल में रिटेल इंफ्लेशन के 18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का अनुमान

punjabkesari.in Tuesday, May 10, 2022 - 05:53 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः देश में महंगाई उच्च स्तर बनी हुई हैं। एक पोल के मुताबिक, भारत में खुदरा महंगाई अप्रैल में 18 महीने के उच्च स्तर पर रह सकती है। ईंधन और खाने-पीने की बढ़ती कीमतें महंगाई को लगातार बढ़ा रही हैं। लगातार चौथे महीने रिजर्व बैंक की ऊपरी सीमा के ऊपर महंगाई बनी हुई है। देश में पांच प्रमुख राज्यों में चुनावों की वजह से सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि को रोके रखा था। मार्च के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का अनुमान था लिहाजा महंगाई बढ़ने लगी। वहीं, फरवरी के अंत में यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं।

देश में पांच प्रमुख राज्यों में चुनावों की वजह से सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि को रोके रखा था। मार्च के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का अनुमान था लिहाजा महंगाई बढ़ने लगी। वहीं, फरवरी के अंत में यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं।

फूड और फ्यूल प्राइस ने खेल बिगाड़ा
फूड इंफ्लेशन, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बास्केट का लगभग आधा हिस्सा है, मार्च में यह कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक स्तर पर सब्जी और खाना पकाने के तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण इसके ऊंचे रहने की उम्मीद है। इन तमाम कारणों ने एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था में इंफ्लेशन यानी मुद्रास्फीति को अप्रैल में 7.5 प्रतिशत पर पहुंचा दिया है। 

रिजर्व बैंक की ऊपरी सीमा से ऊपर है महंगाई
October 2020 के बाद यह उच्च महंगाई दर है और आरबीआई के ऊपरी लिमिट 6 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। 12 मई को जारी होने वाले डाटा के पूर्वाअनुमान के मुताबिक, महंगाई 7.0% और 7.85% के बीच रह सकती है। वहीं, रिजर्व बैंक की महंगाई की ऊपरी सीमा 6 प्रतिशत है यानी ऊपरी सीमा से महंगाई काफी ऊपर चल रही है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News

Recommended News