रियल एस्टेट में निजी इक्विटी निवेश जनवरी-जून में 23% घटकर 1.13 अरब डॉलर: नाइट फ्रैंक
punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 06:23 PM (IST)
नई दिल्लीः वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में निजी इक्विटी (पीई) निवेश जनवरी-जून अवधि के दौरान 23 प्रतिशत घटकर 1.13 अरब डॉलर रह गया। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पिछले वर्ष की समान अवधि में निजी इक्विटी (पीई) निवेश 1.47 अरब डॉलर था। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही में कुल पीई निवेश में कार्यालय परिसंपत्तियों की हिस्सेदारी 89 प्रतिशत रही जबकि शेष निवेश आवासीय क्षेत्र में हुआ।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ''2026 की पहली छमाही में निजी इक्विटी निवेश में आई नरमी की मुख्य वजह वैश्विक पूंजीगत माहौल में बदलाव है, न कि भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र की बुनियादी मजबूती में कमजोरी।'' उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर उधारी लागत में तेज वृद्धि हुई है, जिससे उभरते बाजारों में निवेश से मिलने वाले प्रतिफल का लाभ कम हुआ है। बैजल ने कहा, ''इससे अब पूंजी निवेश के फैसले मुख्य रूप से परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, कराधान, नकदी और वास्तविक प्रतिफल जैसे कारकों से प्रभावित हो रहे हैं।''
आंकड़ों के अनुसार, कार्यालय क्षेत्र में पीई निवेश 33 प्रतिशत बढ़कर 99.8 करोड़ डॉलर हो गया, जो 2025 की पहली छमाही में 57.9 करोड़ डॉलर था। वहीं, आवासीय क्षेत्र में निवेश घटकर 12.8 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 29.7 करोड़ डॉलर था। इसकी वजह निवेशकों का विकास-आधारित परियोजनाओं के प्रति अधिक सतर्क और चयनात्मक रुख अपनाना है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में गोदाम और रिटेल क्षेत्र में कोई बड़ा निजी इक्विटी निवेश सौदा नहीं हुआ। सलाहकार कंपनी ने हालांकि कहा कि इन क्षेत्रों में बड़े सौदों का न होना, उनकी निवेश आकर्षण क्षमता में कमी का संकेत नहीं है।
