GST में बड़े बदलाव की तैयारी, हर साल 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें, 17 दिन में रिफंड का प्रस्ताव

punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 05:46 PM (IST)

नई दिल्लीः वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था को अधिक सरल और कारोबार के अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने प्रक्रिया में कई अहम बदलावों की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत GST दरों में बदलाव हर साल 1 अप्रैल से लागू किए जाएंगे। इससे कारोबारियों और कंपनियों को पूरे वित्त वर्ष के लिए टैक्स दरों को लेकर बेहतर स्पष्टता मिल सकेगी। 

इसके साथ ही GST रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने की भी तैयारी है। पात्र मामलों में अधिकतम 17 दिनों के भीतर रिफंड जारी करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि इससे कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल से जुड़ी समस्या कम होगी और टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

जल्द आएगा इनवॉइस मैचिंग सॉफ्टवेयर

सरकार जल्द ही इनवॉइस मैचिंग सॉफ्टवेयर लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके जरिए खरीद और बिक्री से जुड़े इनवॉइस के बीच होने वाले अंतर को पहले ही पहचानने में मदद मिलेगी। इससे इनवॉइस मिसमैच के कारण जारी होने वाले शो-कॉज नोटिस की संख्या कम होने की उम्मीद है।

GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी और तेज

सरकार के मुताबिक, फिलहाल 61 फीसदी जीएसटी रजिस्ट्रेशन 34 मिनट से कम समय में पूरे हो रहे हैं। नई प्रक्रिया के जरिए रजिस्ट्रेशन को और आसान और तेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सिस्टम को फेसलेस बनाने की तैयारी

डायरेक्ट टैक्स सिस्टम की तर्ज पर जीएसटी प्रशासन को भी 'फेसलेस' बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था केवल CGST से जुड़े मामलों में लागू किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य अधिकारियों और करदाताओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क कम करके प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

विक्रेता के टैक्स भुगतान में चूक से खरीदार का रिफंड नहीं अटकेगा

प्रस्तावित बदलावों में खरीदारों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। यदि किसी मामले में विक्रेता GST का भुगतान नहीं करता है, तो केवल इस वजह से खरीदार का रिफंड अटकने से बचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

2-3 महीने में लागू हो सकते हैं सुधार

GST परिषद की ओर से प्रोसेस रिफॉर्म से जुड़े इन फैसलों को अगले 2 से 3 महीनों में लागू किए जाने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक तेज, सरल, पारदर्शी और कारोबार के लिए अनुमानित बनाना है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद कारोबारियों को टैक्स दरों, रिफंड और अनुपालन से जुड़ी प्रक्रियाओं में ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है।


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Content Writer

jyoti choudhary

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