Mutual Funds इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, जुलाई में निवेशकों ने लगा दिया इतना पैसा
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 11:42 AM (IST)
नई दिल्लीः भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने जुलाई 2026 में एक नया रिकॉर्ड कायम किया। कुल नेट इनफ्लो बढ़कर ₹85.75 लाख करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। यह कई बाजार सेगमेंट में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
GEPL Capital की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में कुल नेट इनफ्लो में पिछले महीने की तुलना में करीब 4.30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, म्यूचुअल फंड के नेट एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले एक साल के दौरान करीब 13.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
निवेशकों की हिस्सेदारी की बात करें तो कॉरपोरेट्स के पास कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स का सबसे बड़ा हिस्सा करीब 37.17 प्रतिशत है। इसके बाद हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) की हिस्सेदारी 33.83 प्रतिशत है।
रिटेल निवेशकों के पास करीब 27 प्रतिशत एसेट्स हैं, जबकि बैंकों और वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी लगभग 1.92 प्रतिशत है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) और विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) करीब 0.07 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
इक्विटी और बैलेंस्ड फंड का दबदबा
एसेट क्लास के स्तर पर इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स का दबदबा कायम है। दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स में 61.06 प्रतिशत है। इसके बाद ETF और फंड ऑफ फंड्स (FoF) की हिस्सेदारी 14.01 प्रतिशत है।
लिक्विड और मनी मार्केट फंड्स के पास कुल एसेट्स का 13.37 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि लिक्विड और मनी मार्केट फंड्स को छोड़कर अन्य डेट फंड्स की हिस्सेदारी 11.57 प्रतिशत है। इक्विटी सेगमेंट में भी निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत रही। जुलाई में इक्विटी फंड्स में कुल ₹24,697 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। बाजार पूंजीकरण के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में निवेशकों की पसंद में अंतर देखने को मिला।
स्मॉलकैप-मिडकैप पर बढ़ा भरोसा
स्मॉलकैप कैटेगरी जुलाई में सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित करने वाली रही। रिपोर्ट के अनुसार, स्मॉलकैप फंड्स में ₹7,768 करोड़ का नेट इनफ्लो आया। इसके बाद मिडकैप फंड्स में ₹6,192 करोड़, फ्लेक्सीकैप फंड्स में ₹4,709 करोड़, लार्ज एंड मिडकैप फंड्स में ₹3,425 करोड़ और मल्टीकैप फंड्स में ₹3,227 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जुलाई में निवेशकों ने खासतौर पर स्मॉलकैप और मिडकैप जैसे बाजार से जुड़े सेगमेंट में मजबूत रुचि दिखाई। यह म्यूचुअल फंड निवेश के प्रति लगातार बने हुए भरोसे को दर्शाता है।
