लंदन कोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका, बैंक ऑफ इंडिया को ₹100 करोड़ चुकाने का आदेश
punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 12:14 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को 10.7 मिलियन डॉलर (100 करोड़ रुपए से ज्यादा) का कर्ज चुकाने का आदेश दिया है। यह पूरी राशि उस पर्सनल गारंटी से जुड़ी है, जो नीरव मोदी ने अपनी दुबई स्थित कंपनी के लिए कर्ज लेते समय बैंक को दी थी।
नीरव मोदी का दावा बैंक से कोई नोटिस या डिमांड लेटर नहीं मिला
अदालत में नीरव मोदी ने दावा किया कि उन्हें गारंटी से संबंधित उचित नोटिस नहीं मिला था, इसलिए उन पर यह जिम्मेदारी लागू नहीं की जा सकती। हालांकि, अदालत ने उनकी दलील खारिज कर दी।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश साइमन टिंकलर ने नीरव मोदी के 17 फरवरी 2018 के एक ईमेल को अहम सबूत माना। इस ईमेल में नीरव मोदी ने स्वीकार किया था कि PNB घोटाले के खुलासे के बाद उनके कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है और उनकी कंपनियों का संचालन लगभग ठप हो गया है। उन्होंने यह भी माना था कि बैंकों की देनदारियां चुकाने में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अदालत ने कहा कि इस ईमेल से स्पष्ट होता है कि नीरव मोदी को अपनी वित्तीय स्थिति और बैंक की मांगों की पूरी जानकारी थी। इसलिए यह दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी।
जुलाई 2012 में लिया था कर्ज
दरअसल, जुलाई 2012 में बैंक ऑफ इंडिया ने नीरव मोदी समूह की दुबई स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड FZE को कर्ज दिया था। इसके बाद अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने व्यक्तिगत गारंटी पर हस्ताक्षर किए थे। वर्ष 2018 में PNB घोटाले के सामने आने के बाद बैंक ने कर्ज की वसूली के लिए नोटिस जारी किए लेकिन नीरव मोदी और उनकी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। अब अदालत के फैसले के बाद बैंक को बड़ी कानूनी सफलता मिली है।
