ITC ने दिया LIC को तगड़ा झटका, दो दिन में हो गया 11468 करोड़ का नुकसान
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 11:13 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयरों में पिछले दो कारोबारी सत्रों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। सरकार द्वारा सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिससे शेयर दो दिनों में करीब 14 फीसदी टूट गया। इस तेज गिरावट से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹72,000 करोड़ घट गया है।
आईटीसी के शेयरों में आई इस गिरावट का असर बड़े संस्थागत निवेशकों पर भी पड़ा है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को अकेले ITC में अपनी हिस्सेदारी के चलते करीब ₹11,468 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।
LIC की हिस्सेदारी की वैल्यू घटी
आईटीसी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की खास बात यह है कि कंपनी में कोई प्रमोटर नहीं है और 100% हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। LIC, ITC की सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसके पास 15.86% हिस्सेदारी है। 31 दिसंबर को इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹80,028 करोड़ थी, जो शेयरों में गिरावट के बाद घटकर ₹68,560 करोड़ रह गई।
52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर ITC
2 जनवरी को कारोबार के दौरान ITC का शेयर 52-सप्ताह के नए निचले स्तर ₹345.25 तक फिसल गया था। हालांकि, दिन के अंत में हल्की रिकवरी देखने को मिली और शेयर ₹350.10 पर बंद हुआ। ब्रोकरेज हाउसों ने सरकार के टैक्स फैसले के बाद ITC पर अपनी रेटिंग घटा दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी के चलते कंपनी को सिगरेट की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिससे मांग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते शेयर पिछले पांच दिनों में 13% और छह महीनों में 15% से ज्यादा टूट चुका है।
सरकारी बीमा कंपनियों को भी नुकसान
LIC के अलावा जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) को करीब ₹1,254 करोड़ और न्यू इंडिया एश्योरेंस को लगभग ₹1,018 करोड़ का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर सरकारी बीमा कंपनियों के पोर्टफोलियो से दो दिनों में करीब ₹13,740 करोड़ साफ हो गए हैं। हालांकि, यह नुकसान फिलहाल ‘नोशनल’ है, क्योंकि शेयर बेचे नहीं गए हैं।
गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ITC के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाना है। ITC की आय और मुनाफे का बड़ा हिस्सा सिगरेट कारोबार से आता है, ऐसे में टैक्स बढ़ने से मार्जिन पर सीधा दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल ITC का P/E रेशियो घटकर 22.59 पर आ गया है, जो ऐतिहासिक औसत के मुकाबले आकर्षक दिखता है लेकिन नीतिगत अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि जहां ITC के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं उसके सबसे बड़े शेयरधारक LIC के अपने शेयरों में करीब 1% की बढ़त देखने को मिली और यह ₹861 पर बंद हुआ।
