Medicines Expensive: महंगाई की मार दवाओं पर भी, पैरासिटामोल समेत कई दवाएं महंगी

punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 12:02 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः वैश्विक स्तर पर बढ़ी महंगाई और सप्लाई चेन पर दबाव का असर अब दवा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। कच्चे माल, समुद्री परिवहन, पैकेजिंग और आयात लागत में बढ़ोतरी के कारण फार्मा कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसका असर बाजार में आने वाले नए स्टॉक पर देखने को मिल रहा है, जहां कई दवाओं की कीमतों में 8% से 17% तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार पैरासिटामोल, पेनिसिलिन, सेफालोस्पोरिन और अन्य कई दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) तथा पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दवाओं की पैकेजिंग में उपयोग होने वाले प्लास्टिक, एल्युमीनियम और अन्य सामग्री भी महंगी हो गई है, जिससे कंपनियों का खर्च बढ़ा है।

पैरासिटामोल समेत कई दवाएं हुईं महंगी

जानकारों का कहना है कि कई जरूरी दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में पिछले कुछ महीनों के दौरान 40% से 60% तक की बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाओं के निर्माण की लागत पर इसका असर देखा जा रहा है।

बाजार में उपलब्ध पुराने स्टॉक पर फिलहाल कीमतों का असर सीमित है लेकिन नए बैच और नए स्टॉक की दवाएं पहले की तुलना में महंगी मिल रही हैं। इससे नियमित रूप से दवाओं का उपयोग करने वाले मरीजों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी की आशंका है।

मरीजों पर बढ़ेगा बोझ

फार्मा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल और परिवहन लागत में जल्द राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले समय में कई अन्य दवाओं की कीमतों में भी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर आम लोगों का खर्च बढ़ेगा और मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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