भारत के प्याज निर्यात पर रोक, नेपाल-बांग्लादेश के निकले आंसू

2020-09-18T11:32:11.703

बिजनेस डेस्कः भारत सरकार ने सब्जियों खासकर प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए प्याज निर्यात पर रोक क्या लगाई, पड़ोसी देशों की आंखों से 'आंसू' निकलने लगे। खासकर बांग्लादेश और नेपाल में प्याज की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। बांग्लादेश ने तो किसी सूचना के बिना प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के मोदी सरकार के फैसले पर आधिकारिक रूप से अपनी ‘गहरी चिंता’ जताई है। इसे देखते हुए वहां की सरकार ने भारत से प्याज के निर्यात पर से बैन हटाने का अनुरोध किया है। 

नेपाल में 5 गुना बढ़ी प्याज की कीमतें
उधर पड़ोसी देश नेपाल में भी भारत सरकार की ओर से निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद प्याज की कीमतें आसमान चढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले तक 20-30 रुपए किलो बिकने वाले प्याज की खुदरा कीमत यहां 150 रुपए किलो तक पहुंच गई है। कई जगहों पर व्यापारियों ने जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसकी कीमत और अधिक बढ़ सकती है। भारत दक्षिण एशिया में प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक है। नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और मलेशिया भारतीय प्याज पर निर्भर हैं।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि प्याज के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला 2019 और 2020 में दोनों देशों के बीच बनी आपसी समझ के अनुरूप नहीं है। पत्र में कहा गया है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच बेहतरीन संबंधों को देखते हुए बांग्लादेश को प्याज का निर्यात तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।

बांग्लादेश की नाराजगी
बांग्लादेश भारत से प्याज का सबसे बड़ा खरीदार है। पत्र में कहा गया है कि भारत के अचानक इस संबंध में घोषणा करने से बांग्लादेश के बाजार में आवश्यक खाद्य पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होगी। पत्र के मुताबिक ढाका में 15-16 जनवरी, 2020 को हुई दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों की एक सचिव-स्तरीय बैठक में बांग्लादेश ने भारत से आवश्यक खाद्य वस्तुओं के निर्यात प्रतिबंध नहीं लगाने का अनुरोध किया गया था।

बांग्लादेश ने इस तरह के प्रतिबंध जरूरी होने पर भारत को समय से पहले उसे सूचित करने का अनुरोध भी किया है। इस मामले को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अक्टूबर 2019 में भारत की यात्रा के दौरान भी उठाया था।


jyoti choudhary

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