Cheque Book New Rules: चेकबुक को लेकर बड़ा अपडेट, 31 दिसंबर के बाद बदल जाएगा नियम, जानें क्या करना होगा?

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 04:36 PM (IST)

Cheque Book New Rules: अगर आप बड़े भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। बैंकिंग सिस्टम में चेक से होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए बैंकों की ओर से लगातार नए सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। दरअसल, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) सहित कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को नई अल्फा-न्यूमेरिक कोड (Alphanumeric Code) वाली चेकबुक लेने को कहा है। 31 दिसंबर 2026 के बाद अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाला चेक ही मान्‍य होगा।

बैंकों की ओर से ग्राहकों को इस संबंध में Email और SMS भेजकर नई चेकबुक के लिए आवेदन करने की सलाह दी जा रही है। 31 दिसंबर 2026 के बाद 50,000 या उससे ज्यादा की राशि के ऐसे चेक स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिन पर अल्फा-न्यूमेरिक कोड अंकित नहीं होगा। यह कोड अक्षरों और अंकों का एक यूनीक कॉम्बिनेशन होता है, जिससे चेक की प्रामाणिकता तुरंत चेक की सकेगी। इससे आरबीआई के चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के तहत डिजिटल क्लीयरेंस पहले से कई गुना तेज हो जाएगी।

 

नई चेकबुक के लिए क्‍या देने होंगे पैसे

अलग-अलग बैंकों के चेकबुक जारी करने के नियम भिन्‍न-भिन्‍न हैं। उदाहरण के लिए बैंक ऑफ इंडिया (BOI) में बचत खाताधारकों को साल में 25 पन्नों की एक चेकबुक मुफ्त मिलती है। इसके बाद अतिरिक्त पन्नों के लिए ₹5 प्रति पेज का शुल्क लगता है। वहीं, अन्य सरकारी व प्राइवेट बैंकों में यह शुल्क उनके अपने नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

अल्फा-न्यूमेरिक कोड क्या है?

अल्फा-न्यूमेरिक कोड अक्षरों और अंकों से बना एक विशेष कोड होता है। बैंकिंग में ऐसे कोड का इस्तेमाल चेक की पहचान और सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इससे फर्जीवाड़े और चेक से छेड़छाड़ के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

अगर आप नियमित रूप से चेक का इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी बैंक की ओर से जारी नए दिशा-निर्देश जरूर जांचें। बैंक की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या शाखा के जरिए यह पता किया जा सकता है कि आपकी मौजूदा चेकबुक कब तक वैध है और नई चेकबुक की जरूरत है या नहीं।

नई चेकबुक की जरूरत होने पर उसे समय रहते ऑनलाइन या बैंक शाखा के माध्यम से ऑर्डर किया जा सकता है। चेकबुक के लिए लगने वाला शुल्क बैंक और खाते के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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