Goldman Sachs की चेतावनी, खाने-पीने की चीजें हो सकती हैं महंगी
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 05:53 PM (IST)
नई दिल्लीः अमेरिकी निवेश बैंक Goldman Sachs ने नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में आने वाले समय में खाद्य महंगाई बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मौसम से जुड़े जोखिम, बढ़ती ऊर्जा लागत और महंगे उर्वरकों का असर खाद्य आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है।
रिपोर्ट में यह भी कहा है कि 2026 के अंत में मजबूत अल-नीनो (El Niño) मौसम पैटर्न आने की संभावना है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें बारिश का पैटर्न बिगड़ जाता है। कहीं ज्यादा बारिश होती है तो कहीं सूखा पड़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम प्रतिकूल रहा, तो चावल, सब्जियों और अन्य प्रमुख खाद्यान्न फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उत्पादन में कमी आने से बाजार में आपूर्ति घट सकती है, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कच्चे तेल और उर्वरकों की बढ़ती कीमतें किसानों की लागत बढ़ा रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे परिवहन और कृषि दोनों की लागत बढ़ रही है। इसका असर अंततः उपभोक्ताओं तक महंगे खाद्य उत्पादों के रूप में पहुंच सकता है।
किन देशों पर होगा ज्यादा असर?
Goldman Sachs के अनुसार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है, क्योंकि ये देश पहले से ही खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव का सामना करते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खाद्य महंगाई बढ़ती है, तो आम परिवारों के मासिक खर्च पर दबाव बढ़ सकता है। चावल, खाद्य तेल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित होने की संभावना है।
