सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में बदला खेल, कैंपा बनी देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी
punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 11:09 AM (IST)
नई दिल्लीः रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आर.सी.पी.एल.) का सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड कैंपा देश के कोल्ड ड्रिंक बाजार में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। कंपनी ने कई प्रमुख बाजारों में दोहरे अंक (डबल डिजिट) की बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसी के साथ रिलायंस भारत के गैर-मादक रैडी-टू-ड्रिंक (एन.ए.आर.टी.डी.) पेय बाजार की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।
जून तिमाही में 2,900 करोड़ रुपए का कारोबार
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी पहली तिमाही के नतीजों में बताया कि पेय पदार्थ कारोबार से जून तिमाही के दौरान करीब 2,900 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। कंपनी की इस सफलता में कैंपा और इंडिपैंडैंस जैसे ब्रांडों का बड़ा योगदान रहा।
कई बाजारों में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी
कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर की बाजार हिस्सेदारी का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कैंपा कई क्षेत्रीय बाजारों में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर चुकी है। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें और तेजी से बढ़ता वितरण नैटवर्क माना जा रहा है।
कोका-कोला और पेप्सिको को मिली कड़ी चुनौती
कैंपा की तेज बढ़त से लंबे समय से बाजार पर दबदबा बनाए हुए कोका-कोला और पेप्सीको के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। 2023 में ब्रांड की दोबारा लॉन्चिंग के बाद रिलायंस ने कम कीमत, ज्यादा उपलब्धता और उत्पादों की विस्तृत शृंखला के दम पर बाजार में मजबूत पकड़ बनाई है।
कोला से एनर्जी ड्रिंक तक बढ़ाया पोर्टफोलियो
रिलायंस ने कैंपा के तहत कोला के अलावा लैमन, ऑरेंज और एनर्जी ड्रिंक जैसे उत्पाद भी बाजार में उतारे हैं। कंपनी लगातार नए उत्पाद लॉन्च कर ग्राहकों की पसंद के अनुसार अपना पोर्टफोलियो बढ़ा रही है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर
बढ़ती मांग को देखते हुए रिलायंस अपनी विनिर्माण क्षमता का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी ने नए ग्रीनफील्ड बैवरेज प्लांट का एक हिस्सा शुरू कर दिया है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में कैंपा कैन का उत्पादन शुरू हो चुका है और जल्द ही वहां आधिकारिक लॉन्च की तैयारी है। कंपनी अफ्रीकी बाजारों में भी अपने पेय कारोबार का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।
क्या कहते हैं उद्योग विशेषज्ञ
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कैंपा इसी गति से वितरण नैटवर्क और आक्रामक मूल्य रणनीति जारी रखती है तो आने वाले समय में भारत के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
