वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र से साइबर सुरक्षा पर अत्यंत सतर्कता बरतने को कहा

punjabkesari.in Saturday, Apr 25, 2026 - 05:35 PM (IST)

मुंबईः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय क्षेत्र में विनियमित संस्थाओं से साइबर सुरक्षा जोखिमों के प्रति अत्यंत सतर्क रहने का आग्रह किया। अग्रणी एआई कंपनी एन्थ्रोपिक के नए मंच 'माइथोस' का नाम लिए बिना सीतारमण ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) उपकरण साइबर हमलों को अधिक तेज बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उपकरण प्रणाली की कमजोरियों की स्वचालित ढंग से खोज कर सकते हैं और दुर्भावनापूर्ण सोर्स-कोड हस्तक्षेप जैसे तरीके अपनाकर पहचान से भी बच सकते हैं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के 38वें स्थापना दिवस समारोह में सीतारमण ने कहा कि किसी भी शेयर बाजार या अभिरक्षक संस्था (डिपॉजिटरी) पर एक भी साइबर हमला आर्थिक गतिविधियों को बाधित कर सकता है और आम लोगों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित नए और उन्नत उपकरणों के आने से स्वचालित साइबर हमलों का खतरा बढ़ा है, जिससे साइबर सुरक्षा की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

सीतारमण ने कहा, "केवल सेबी ही नहीं, बल्कि सभी विनियमित संस्थाओं को अत्यंत सतर्क रहना होगा। हमले के तरीके तेजी से विकसित हो रहे हैं और बचाव के साधनों को उससे भी अधिक तेजी से विकसित करना होगा।" वित्त मंत्री ने सेबी से आग्रह किया कि वह वैश्विक नियामक संस्थाओं के साथ नियमित परामर्श की एक व्यवस्था को संस्थागत रूप दे, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नियमन को अन्य देशों की नकल नहीं करनी चाहिए। विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर बनी असहजता के बीच उन्होंने कहा कि नियामकों के बीच इस तरह का संवाद वैश्विक निवेशकों में भरोसा बढ़ा सकता है। 

सीतारमण ने वित्तीय प्रणाली से सभी कार्यों के लिए साझा 'अपने ग्राहक को जानिए' व्यवस्था की ओर बढ़ने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, ''यह सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक को कई वित्तीय उत्पादों और मंचों पर एक ही सत्यापन प्रक्रिया को बार-बार न दोहराना पड़े।'' वित्त मंत्री ने अत्यधिक विस्तृत नियम पुस्तिकाओं के बजाय सिद्धांत-आधारित नियम बनाने के लिए सार्वजनिक परामर्श आधारित नजरिये की वकालत की। उन्होंने कहा कि अपंजीकृत 'फिनइन्फ्लुएंसर्स' (वित्तीय मामलों में आम लोगों को प्रभावित करने वाले व्यक्ति) के खिलाफ सेबी की हालिया कार्रवाई को बिना लाइसेंस वाली वित्तीय सलाह पर नकेल कसने की नियामक की गंभीरता के रूप में देखा जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि तकनीक में प्रगति के साथ सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश वीडियो और ऐप की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई 'डीपफेक एआई' का उपयोग कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि निवेशक सुरक्षा को एक ''रक्षात्मक कार्य से विकासात्मक कार्य'' में बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने नगर निगम बांड को धन जुटाने के लिए एक अधिक प्रभावी मंच बनाने के लिए गंभीर प्रयास करने पर भी जोर दिया। 


 


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Content Writer

jyoti choudhary

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