ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा तय करेंगे भविष्य की वैश्विक ताकत: अडानी
punjabkesari.in Monday, May 11, 2026 - 01:48 PM (IST)
नई दिल्लीः उद्योगपति गौतम अडानी ने भारत से कृत्रिम मेधा (AI) क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा है कि आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल अवसंरचना ही वैश्विक शक्ति संतुलन तय करेंगे। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए Adani Group के चेयरमैन ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब डेटा, सेमीकंडक्टर तथा क्लाउड तकनीक रणनीतिक हथियार बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आज वैश्वीकरण का पुराना मॉडल कमजोर पड़ रहा है और दुनिया प्रतिस्पर्धी गुटों में बंटती जा रही है। ऐसे माहौल में भारत को एआई को केवल सॉफ्टवेयर तकनीक नहीं बल्कि ऊर्जा, डेटा सेंटर, चिप निर्माण, नेटवर्क, कंप्यूटिंग क्षमता और प्रतिभा विकास से जुड़ी संपूर्ण रणनीतिक अवसंरचना के रूप में देखना होगा। अडानी ने जोर देते हुए कहा कि भारत को अपने “बौद्धिक भविष्य” के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर देश में ही विकसित, संचालित और नियंत्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी एआई और ऊर्जा अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का बड़ा अवसर है। विनिर्माण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं में बढ़ती घरेलू मांग भारत को इस दिशा में बढ़त देती है। अडानी के मुताबिक भारत 500 गीगावाट स्थापित बिजली क्षमता का आंकड़ा पार कर चुका है लेकिन भविष्य की एआई अर्थव्यवस्था के लिए और बड़े निवेश की जरूरत होगी।
अडानी ने कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं बल्कि “ऊर्जा, डेटा, चिप, नेटवर्क और शासन” का संगम है। उन्होंने इस धारणा को भी खारिज किया कि एआई बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म कर देगा। उनके अनुसार एआई उत्पादकता बढ़ाने, छोटे कारोबारों को मजबूत करने और नए रोजगार पैदा करने का बड़ा माध्यम बन सकता है।
उन्होंने डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तकनीकी क्रांति ने लाखों भारतीयों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा और Flipkart, Paytm, Swiggy और PhonePe जैसी कंपनियों को उभरने का मौका दिया। उनका मानना है कि एआई इससे भी बड़े स्तर पर बदलाव ला सकता है।
अडानी ने बताया कि समूह गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-साइट नवीकरणीय ऊर्जा पार्क पर काम कर रहा है, जिसका 35 प्रतिशत हिस्सा चालू हो चुका है। समूह ने ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना में कुल 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही डेटा सेंटर कारोबार में भी 100 अरब डॉलर निवेश की योजना है, जिसमें Google, Microsoft और Uber जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी शामिल है।
अपने संबोधन के अंत में अडानी ने कहा कि एआई की असली सफलता इस बात से नहीं मापी जाएगी कि उसने कितनी नौकरियां खत्म कीं, बल्कि इससे कि उसने कितने भारतीयों को नई ताकत और अवसर दिए।
