Edible Oil Import: सितंबर में खाद्य तेल आयात में 51% उछाल, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से रिफाइंड तेलों का आयात घटा
punjabkesari.in Thursday, Oct 16, 2025 - 12:11 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः कच्चे पामतेल (CPO) की बढ़ी हुई खेप के कारण भारत का वनस्पति तेल आयात सितंबर में 16.39 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 51 प्रतिशत अधिक है। वहीं, रिफाइंड तेल का आयात वर्ष 2021 के बाद पहली बार शून्य दर्ज किया गया। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने बताया कि सितंबर 2023 में खाद्य और अखाद्य तेलों सहित कुल आयात 10.87 लाख टन था।
रिफाइंड तेल का आयात घटने का मुख्य कारण सरकार द्वारा कच्चे पाम तेल और रिफाइंड आरबीडी पामोलिन के बीच आयात शुल्क अंतर 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 19.25 प्रतिशत कर देना है, जो 31 मई से प्रभावी है। SEA ने इसे सरकार का साहसिक और समयोचित कदम बताया।
इस बदलाव से मांग कच्चे तेल की ओर मुड़ गई, जिससे घरेलू रिफाइनिंग क्षेत्र को नई जान मिली। सितंबर में रिफाइंड आरबीडी पामोलिन का आयात शून्य रहा, जबकि पिछले साल सितंबर में यह 84,279 टन था।
सालाना आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस महीने 16.04 लाख टन खाद्य तेल और 35,100 टन अखाद्य तेल का आयात किया। कच्चे पाम तेल का आयात पिछले साल के 4.32 लाख टन से बढ़कर 8.24 लाख टन हो गया, कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात 1.52 लाख टन से बढ़कर 2.72 लाख टन रहा, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल का आयात 3.84 लाख टन से बढ़कर 5.03 लाख टन हुआ। वहीं, कच्चे पाम कर्नेल तेल का आयात घटकर 4,255 टन रह गया।
SEA ने बताया कि विभिन्न बंदरगाहों पर खाद्य तेल का स्टॉक 1 अक्टूबर तक 20 लाख टन था, जो पिछले चार महीनों में बढ़ते आयात के कारण पिछले महीने की तुलना में अधिक है। भारत, दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक, मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल, अर्जेंटीना, ब्राजील और रूस से सोयाबीन तेल और रूस व यूक्रेन से सूरजमुखी तेल प्राप्त करता है।
