ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले फिसला Crude Oil, आगे बढ़ सकती है कीमतों में हलचल

punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 12:11 PM (IST)

नई दिल्लीः ईरान पर अमेरिका की नई और कड़ी आर्थिक कार्रवाई के ऐलान से पहले सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने पिछले सप्ताह की तेजी के बाद मुनाफावसूली की और अब बाजार की नजर अमेरिकी प्रतिबंधों के नए पैकेज पर है।

Brent और WTI में गिरावट

सोमवार के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 1.3% गिरकर 93.16 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड करीब 1.6% फिसलकर 85.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले दोनों बेंचमार्क पिछले सप्ताह 5% से ज्यादा चढ़े थे।

बाजार में गिरावट की एक वजह निवेशकों की मुनाफावसूली है, जबकि दूसरी बड़ी वजह अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता है।

आज अमेरिकी प्रतिबंधों पर बड़ा ऐलान

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की जानकारी देने वाले हैं। बेसेंट ने इसे ईरान के खिलाफ इतिहास की सबसे कड़ी आर्थिक कार्रवाई बताया है। अमेरिका का लक्ष्य ईरान के आर्थिक और वित्तीय संबंधों पर दबाव बढ़ाना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की मदद करने वाले देशों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे बाजार में यह चिंता बढ़ी है कि अगर प्रतिबंधों का दायरा ईरान के तेल खरीदारों और उसके व्यापारिक साझेदारों तक पहुंचता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

ईरान ने अमेरिकी दबाव को बताया नाकाम

ईरान ने नए अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकी को खारिज किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कदम को दबाव और हताशा से जुड़ा बताया है। ईरान का कहना है कि वह आर्थिक दबाव का सामना करने के रास्ते तलाश सकता है और दूसरे देशों के साथ अपने आर्थिक संबंध जारी रख सकता है।

इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी नए व्यवधान से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।

तेल की कीमतों पर आगे क्या असर?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल का बाजार अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज से होने वाली तेल आपूर्ति पर प्रतिक्रिया देगा। अगर प्रतिबंधों के कारण ईरान की तेल बिक्री और क्षेत्रीय सप्लाई पर ज्यादा असर पड़ता है, तो कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। दूसरी ओर, अगर होर्मुज से तेल आपूर्ति सामान्य होने लगती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 2026 की दूसरी छमाही में ब्रेंट क्रूड के लिए 70 से 100 डॉलर प्रति बैरल का दायरा अनुमानित किया है। बैंक के मुताबिक होर्मुज से तेल प्रवाह में सुधार होने पर कीमतें इस दायरे के निचले हिस्से की ओर जा सकती हैं, जबकि आपूर्ति में नया व्यवधान कीमतों को ऊपर धकेल सकता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News